समस्तीपुर बर्फ फैक्ट्री में ₹42.86 लाख की बिजली चोरी का खुलासा

Electricity Theft in Samastipur: समस्तीपुर के पूसा स्थित एक बर्फ फैक्ट्री में बिजली चोरी का बड़ा मामला सामने आया है. छापेमारी में ₹42.86 लाख की राजस्व क्षति का खुलासा हुआ, जबकि उपभोक्ता के खिलाफ प्राथमिकी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

Electricity Theft in Samastipur: उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए समस्तीपुर जिले के पूसा क्षेत्र स्थित एक बर्फ निर्माण फैक्ट्री में करोड़ों यूनिट की खपत से जुड़े गंभीर अनियमितता का खुलासा किया है. विशेष जांच के दौरान विभाग ने करीब ₹42.86 लाख की राजस्व क्षति का मामला उजागर किया है. मामले में औद्योगिक उपभोक्ता संजीत कुमार के विरुद्ध भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.


डिजिटल सर्विलांस ने खोली बिजली चोरी की परतें

बिजली कंपनी के मुख्यालय स्तर पर चल रही डिजिटल निगरानी के दौरान पूसा स्थित बर्फ फैक्ट्री की वास्तविक बिजली खपत और मीटर में दर्ज खपत के आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया था. इसके बाद एसटीएफ और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम का गठन कर विशेष जांच की योजना बनाई गई.

गुरुवार सुबह करीब पांच बजे टीम ने फैक्ट्री परिसर में अचानक छापेमारी की. निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री पूरी तरह संचालित अवस्था में मिली, लेकिन मीटर से रिकॉर्ड हो रही खपत लगभग शून्य थी. इससे अधिकारियों को बिजली चोरी की आशंका हुई.


तकनीकी जांच में सामने आया बाईपास कनेक्शन

जांच टीम ने जब मीटर और विद्युत कनेक्शन की विस्तृत तकनीकी जांच की, तो पाया कि मीटर के इनपुट सिस्टम को पूरी तरह बाईपास कर सीधे औद्योगिक लोड का उपयोग किया जा रहा था.

अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री का अनुमानित विद्युत भार करीब 80 केवीए पाया गया. इस अवैध व्यवस्था के जरिए लंबे समय से बिजली का उपयोग किया जा रहा था, जिससे बिजली कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा.


एक नजर में पूरी कार्रवाई

मुख्य बिंदुविवरण
स्थानपूसा, समस्तीपुर
प्रतिष्ठानबर्फ निर्माण फैक्ट्री
अनुमानित विद्युत भार80 केवीए
राजस्व क्षति₹42,85,775
कानूनी कार्रवाईविद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत FIR

छापेमारी टीम में शामिल रहे ये अधिकारी

इस विशेष अभियान का नेतृत्व एसटीएफ मुख्यालय और स्थानीय विद्युत अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया. जांच टीम में विद्युत कार्यपालक अभियंता संजय कुमार सिंह, मदन कुमार, आनंद कुमार, सुदर्शन राज, मितु रंजन, रेयाज अहमद और अन्य कर्मी शामिल थे.

विभाग का कहना है कि बिजली चोरी रोकने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग और तकनीकी विश्लेषण को और मजबूत किया जा रहा है.


बिजली चोरों पर आगे भी जारी रहेगा अभियान

बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा. विभाग के अनुसार डिजिटल सर्विलांस के माध्यम से संदिग्ध उपभोक्ताओं पर नजर रखी जा रही है और जहां भी अनियमितता मिलेगी वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी.

अधिकारियों ने कहा कि बिजली चोरी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


मामले की प्रमुख बातें

  • पूसा स्थित बर्फ फैक्ट्री में बिजली चोरी का मामला पकड़ा गया.
  • डिजिटल सर्विलांस के जरिए मिली थी प्रारंभिक सूचना.
  • मीटर को बाईपास कर सीधे बिजली उपयोग करने का आरोप.
  • विभाग को ₹42.86 लाख की राजस्व क्षति का अनुमान.
  • भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत कार्रवाई शुरू.

बिजली विभाग का बयान: डिजिटल निगरानी और तकनीकी जांच के आधार पर बिजली चोरी का मामला सामने आया है. विभाग ऐसे मामलों पर लगातार नजर रख रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट

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By Aaruni Thakur

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