केवटी से विजय कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
दरभंगा क्राइम: केवटी थाना क्षेत्र के बाढ़ समैला गांव निवासी मो. असलम की 23 वर्षीय नवविवाहिता पुत्री हुस्ने आरा की संदिग्ध स्थिति में फांसी लगाने से मौत हो गई. घटना के बाद परिजन उसे आनन-फानन में इलाज के लिए डीएमसीएच लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया.
मृतका की मौत के बाद मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतका के भाई शमशेर आलम ने केवटी थाना में आवेदन देकर पति जफर इकबाल समेत ससुराल पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ दहेज के लिए प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.
शादी के 10 दिन बाद से ही दहेज मांगने का आरोप
थाना में दिए गए आवेदन के अनुसार, हुस्ने आरा की शादी 8 अगस्त 2025 को लोआम निवासी मो. साबिर हुसैन के पुत्र जफर इकबाल से हुई थी. भाई का आरोप है कि शादी के करीब 10 दिन बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से पांच लाख रुपये नकद और महंगी बाइक की मांग की जाने लगी.
आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर हुस्ने आरा के साथ मारपीट की गई और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. परिजनों का कहना है कि दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार परेशान किया जा रहा था.
गहने छीनने और मायके भेजने का भी आरोप
शमशेर आलम ने आवेदन में आरोप लगाया है कि प्रताड़ना के दौरान हुस्ने आरा के गहने भी छीन लिए गए. शादी के करीब तीन महीने बाद उसे मायके भेज दिया गया और इसके बाद उसे दोबारा ससुराल नहीं ले जाया गया.
मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के बीच दो बार पंचायत भी हुई थी. इसके बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका. मृतका के पति जफर इकबाल के दुबई में इलेक्ट्रिशियन का काम करने की बात कही गई है.
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की. बेंता थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है. इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
वहीं, केवटी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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