दरभंगा DMCH में सिस्टम फेल: बेड की कमी से फर्श पर इलाज को मजबूर हुए बेबस मरीज

DMCH Darbhanga: दरभंगा डीएमसीएच में बेड की भारी कमी के कारण मरीजों का इलाज फर्श पर करने की नौबत आ गई है. भीषण गर्मी और बढ़ती भीड़ के बीच इमरजेंसी और मेडिसिन वार्ड में संसाधन कम पड़ रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में है. पढ़ें पूरी खबर...

दरभंगा से अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट

DMCH Darbhanga: उत्तर बिहार के सबसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में शुमार दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं. मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल के इमरजेंसी और मेडिसिन वार्ड में तिल रखने की जगह नहीं बची है. आलम यह है कि बेड न मिलने के कारण गंभीर मरीजों का इलाज अस्पताल के ठंडे फर्श पर गद्दा बिछाकर किया जा रहा है.

इमरजेंसी और मेडिसिन विभाग में हाहाकार

अस्पताल प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, इमरजेंसी विभाग में कुल 80 बेड हैं, जबकि प्रतिदिन आने वाले गंभीर मरीजों की संख्या इससे कहीं ज्यादा होती है. यही हाल मेडिसिन विभाग का है, जहां 225 बेड होने के बावजूद मरीजों को जमीन पर स्ट्रेचर या गद्दे का सहारा लेना पड़ रहा है. मिथिलांचल के विभिन्न जिलों से हर दिन करीब 3,000 से अधिक मरीज ओपीडी पहुंचते हैं, जिससे संसाधनों पर भारी दबाव है.

गर्मी और संक्रमण की दोहरी मार

भीषण गर्मी के बीच फर्श पर इलाज कराना मरीजों और उनके परिजनों के लिए किसी सजा से कम नहीं है। वार्डों में क्षमता से अधिक भीड़ होने के कारण मरीजों के बीच संक्रमण (Infection) फैलने का खतरा भी बढ़ गया है. परिजनों का कहना है कि घंटों इंतजार के बाद भी बेड नसीब नहीं हो रहा है.

मरीज अधिक, सभी का इलाज सुनिश्चित किया जा रहा : उपाधीक्षक

मामले की गंभीरता पर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने माना कि बेड की भारी कमी है. उन्होंने कहा, “मरीजों की संख्या क्षमता से अधिक हो गई है, लेकिन हम किसी को वापस नहीं भेज रहे. बेड की कमी के बावजूद गद्दा देकर सभी का इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है.”

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By Aaruni Thakur

Aaruni Thakur is a contributor at Prabhat Khabar.

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