Darbhanga News: प्रखंड के बाजितपुर स्थित राजनंदनी एचपी गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली से हजारों उपभोक्ता त्रस्त हैं. यहाँ गैस सिलेंडर पाने के लिए लोग रात के अंधेरे यानी सुबह 3 बजे से ही लाइन में लग रहे हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है. रविवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब सुबह 10 बजे तक एजेंसी का कार्यालय ही नहीं खुला, जिसके बाद उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा.
बेटी की शादी, पर नहीं मिला सिलेंडर
एजेंसी की अव्यवस्था का सबसे हृदयविदारक चेहरा कनोखर के सुरेंद्र पासवान के रूप में सामने आया. सुरेंद्र ने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी की शादी है, घर में मेहमान हैं, लेकिन वह गैस के लिए दर-दर भटक रहे हैं. वहीं, कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर पर्ची तो काट दी गई, लेकिन जब वे गैस लेने पहुंचे तो रिकॉर्ड में उसे ‘डिलीवर्ड’ (वितरित) दिखा दिया गया.
3000 में बिक रहा सिलेंडर, वेंडरों की चांदी
उपभोक्ताओं ने सीधे तौर पर एजेंसी मालिक और एमओ (MO) की मिलीभगत का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि एजेंसी के पास गैस खत्म होने का बहाना बनाया जाता है, जबकि वही गैस बिचौलियों और वेंडरों के माध्यम से बाजार में 2500 से 3000 रुपये में खुलेआम बेची जा रही है. होम डिलीवरी की व्यवस्था ठप होने के कारण एजेंसी के बाहर सैकड़ों मीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं.
‘ओटीपी मिलते ही अपने आप हो जाता है डिलीवर’
काफी हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे एजेंसी प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि 18 हजार उपभोक्ताओं के लिए तीन-चार दिन में महज एक ट्रक (435 सिलेंडर) ही आता है. ओटीपी और पर्ची कटने के बाद गैस न मिलने के सवाल पर उन्होंने अजीबोगरीब तर्क दिया कि ओटीपी कटने के बाद सिस्टम में गैस अपने-आप डिलीवर्ड दिखने लगती है. हालांकि, उन्होंने अगले मंगलवार से होम डिलीवरी शुरू करने का आश्वासन दिया है.
दरभंगा के मनीगाछी से विजय ठाकुर की रिपोर्ट
