दरभंगा बिरौल से शंकर सहनी की रिपोर्ट
Darbhanga News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन इसके बावजूद कानून के उल्लंघन का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दरभंगा के बिरौल व्यवहार न्यायालय स्थित जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में शुक्रवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब एक मामले का शिकायतकर्ता खुद शराब के नशे में धुत होकर गवाही देने पहुंच गया. कोर्ट परिसर में हुई इस घटना ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और वकीलों को चौंका दिया.
कोर्ट के आदेश पर हुई ब्रेथ एनालाइजर जांच
जानकारी के मुताबिक, 12 जून को सत्रवाद संख्या 377/25 की सुनवाई चल रही थी. सुनवाई के दौरान सूचक बैजनाथ राय कटघरे में खड़े होकर अपनी गवाही दे रहा था. तभी मुद्दालह के वरिष्ठ अधिवक्ता रामचंद्र यादव को गवाह की हरकतों और उसकी स्थिति पर गहरा संदेह हुआ. उन्होंने बिना देर किए अदालत में एक लिखित आवेदन दिया और आरोप लगाया कि गवाह शराब पीकर बयान दे रहा है. अधिवक्ता ने न्यायधीश से गवाह की तत्काल मेडिकल जांच कराने की मांग की.
जांच में हुई शराब की पुष्टि, अब जेल जाने की तैयारी
न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया. कोर्ट ने बिरौल थाना पुलिस को गवाह की जांच करने का कड़ा आदेश दिया. आदेश मिलते ही थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने मौके पर पहुंचकर गवाह बैजनाथ राय की ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच की. जांच रिपोर्ट आते ही सबके होश उड़ गए; इसमें 100 एमएल खून में 16 एमएम शराब की मात्रा पाई गई. थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि आरोपी बैजनाथ राय हांसी गांव का रहने वाला है. पुलिस ने जांच रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय को सौंप दी है. बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है. कोर्ट परिसर में हुई इस घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है.
