Darbhanga News: एलपीजी रिफिल का पेंच, जाले में गैस उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा

Darbhanga News: दरभंगा के जाले नगर परिषद क्षेत्र में गैस उपभोक्ताओं को रिफिल के लिए 45 दिनों का इंतज़ार करना पड़ रहा है. बुकिंग न होने से गृहिणियां इस भीषण गर्मी में लकड़ी का चूल्हा फूंकने को मजबूर हैं और गैस एजेंसियां नियमों का हवाला दे रही हैं. जानिए खबरें विस्तार सें..

Darbhanga News: जाले को नगर परिषद का दर्जा मिले अरसा बीत गया, लेकिन यहाँ के एलपीजी उपभोक्ताओं की समस्याएँ कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. शहरी क्षेत्र घोषित होने के बावजूद उपभोक्ताओं को रिफिल सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिनों तक का लंबा इंतज़ार करना पड़ रहा है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि ऑनलाइन सिस्टम में 45 दिनों से पहले बुकिंग स्वीकार नहीं की जा रही है, जिससे घरों में रसोई गैस का संकट गहरा गया है.

डीएसी नंबर और होम डिलीवरी का पेंच

वर्तमान में गैस एजेंसियाँ होम डिलीवरी के माध्यम से ही सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं. बिना ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) के रिफिल सिलेंडर नहीं देने के नियम ने परेशानी और बढ़ा दी है. प्रावधान के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25-30 दिनों में बुकिंग होनी चाहिए, लेकिन जाले में अब भी ग्रामीण क्षेत्र वाला 45 दिनों का नियम लागू है. कई उपभोक्ताओं का कहना है कि यह समय सीमा बीत जाने के बाद भी पोर्टल पर बुकिंग नहीं हो पा रही है.

उज्ज्वला योजना के बाद भी लकड़ी के चूल्हे पर निर्भरता

गैस की किल्लत के कारण गृहिणियां इस भीषण गर्मी और आंधी-पानी के बीच लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को विवश हैं. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभार्थी महिलाएं भी पुनः पारंपरिक ईंधन का उपयोग कर रही हैं. धुएं के कारण गृहिणियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने विभाग से मांग की है कि जाले के शहरी स्वरूप को देखते हुए बुकिंग की समय सीमा घटाई जाए और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.

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By saharasunilmuz

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