Darbhanga News: सितंबर में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिले के जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के साथ बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में तटबंधों की स्थिति, नदी कटाव, बाढ़ सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, नावों की उपलब्धता और किसानों के लिए नहरों में पानी की व्यवस्था समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई.
तटबंधों की निगरानी और कमजोर स्थानों की होगी मरम्मत
आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों और अभियंताओं को अलर्ट मोड में रहते हुए बाढ़ पूर्व तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया. उन्होंने तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने तथा रैन कट, चूहे के बिल और अन्य कमजोर स्थानों की पहचान कर तत्काल मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराने को कहा.
संवेदनशील स्थलों पर जरूरत के अनुसार कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने और किसी भी क्षति या असामान्य स्थिति की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
सैंड बैग और नावों की व्यवस्था पहले से रखने का आदेश
बाढ़ के दौरान आम लोगों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी समीक्षा की गई. आयुक्त ने संवेदनशील तटबंधों और अन्य स्थानों पर पर्याप्त संख्या में सैंड बैग उपलब्ध रखने का निर्देश दिया, ताकि आकस्मिक स्थिति में तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
साथ ही प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही और राहत कार्यों के लिए नावों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
संपर्क पथ टूटने पर तुरंत बनेगा वैकल्पिक रास्ता
आयुक्त ने निर्देश दिया कि बाढ़ के कारण यदि किसी क्षेत्र का संपर्क पथ टूटता है तो वहां तत्काल वैकल्पिक पहुंच पथ की व्यवस्था की जाए. इसके लिए पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के साथ पहले से समन्वय स्थापित कर तैयारी रखने को कहा गया.
उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और आवश्यक सेवाओं की पहुंच किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए.
नदी कटाव और आपदा प्रबंधन पर भी नजर
बैठक में नदी कटाव से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों को संभावित आकस्मिक परिस्थितियों के लिए पहले से तैयारी रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.
किसानों के लिए नहरों में पानी की उपलब्धता की भी समीक्षा
बाढ़ सुरक्षा के साथ किसानों के लिए नहरों में पानी की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई. संबंधित अधिकारियों को कृषि जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नहरों में आवश्यक पानी की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए.
