Darbhanga News: अब आधे घंटे का होगा चेतना सत्र, बंद कर दिया जायेगा स्कूल का मुख्य द्वार

Darbhanga News:चेतना सत्र में बच्चों एवं शिक्षकों की उपस्थिति को अनिवार्य कर दी गयी है.

Darbhanga News: दरभंगा. अब सभी सरकारी स्कूलों में प्रत्येक दिन “टन टन टन, सुनो घंटी बजी स्कूल की, चलो स्कूल तुमको पुकारे… ” आरटीइ एंथम के साथ दिनचर्या शुरू होगी. चेतना सत्र में बच्चों एवं शिक्षकों की उपस्थिति को अनिवार्य कर दी गयी है. चेतना सत्र का संचालन लाउडस्पीकर से करना अनिवार्य होगा. चेतना सत्र प्रारंभ होने के पूर्व विद्यालय का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा़ जो बच्चे विलंब से आएंगे, उन्हें बताया जाएगा कि दूसरे दिन विलंब से आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा़ अभिभावक को भी इसकी जानकारी देने के लिये बच्चों की डायरी में इसे अंकित कर दिया जाएगा. यह कार्य वर्ग शिक्षक करेंगे. चेतना सत्र के लिए निर्धारित आधे घंटे में सर्व धर्म प्रार्थना, बिहार गीत, राष्ट्रीय गीत, आज का दिन, आज का विचार, तर्क ज्ञान, शब्द ज्ञान, सामान्य ज्ञान, प्रेरक प्रसंग आदि गतिविधियां होगी. इस आशय का आदेश शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने जारी किया है.

शिक्षक प्रत्येक दिन बच्चों की डायरी देखेंगे

चेतना सत्र में बच्चों के नाखून, सुसज्जित बाल, साफ सुथरे पोशाक तथा स्नान करके आये हैं या नहीं, यह देखा जायेगा. वर्ग शिक्षक इससे संबंधित निर्देश बच्चों की डायरी में अंकित करेंगे. बच्चों की डायरी का अवलोकन प्रत्येक दिन किया जाएगा.

प्रत्येक कक्षा में एक क्लास मॉनिटर

प्रत्येक कक्षा के लिए एक क्लास मॉनिटर का चयन एक महीने के लिए वर्ग शिक्षक करेंगे. कक्षा में बच्चों पर नजर रखना, दिए गए गृह कार्य की कॉपियां एकत्र कर शिक्षक के पास पहुंचाना मोनिटर का दायित्व होगा. मॉनिटर के बैठने के लिए अलग से बैच होगा.

पहली, दूसरी व तीसरी घंटी में गणित, विज्ञान और हिंदी-अंग्रेजी रीडिंग

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि चेतना सत्र के बाद पहली, दूसरी एवं तीसरी घंटी में क्रमशः गणित, विज्ञान एवं हिंदी-अंग्रेजी रीडिंग होगी. इससे बच्चे गणितीय कौशल, विज्ञान में नवाचार एवं वाक कौशल में निपुणता हासिल कर सकेंगे.

विलंब से आने वाले छात्रों पर विशेष निगरानी

विलंब से आने वाले छात्रों पर विशेष निगरानी रखी जायेगी. विलंब अथवा अनियमित रूप से आने वाले छात्रों के बारे में वर्ग शिक्षक दूरभाष के माध्यम से अभिभावक को सूचना देंगे विद्यालय में बुलायेंगे. तीन बार बुलाए जाने पर भी स्कूल नहीं आने की स्थिति में इसकी सूचना मुखिया अथवा सरपंच को दी जाएगी.

प्रधानाध्यापक और शिक्षक एक-दूसरे पर रखेंगे नजर

अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि शिक्षकों के पूरे समय तक विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने की जवाबदेही प्रधानाध्यापक की है. प्रधानाध्यापक पर निगरानी शिक्षक भी रख सकते हैं. विद्यालय अवधि में अनियमित उपस्थित की जानकारी डीइओ को देने के लिये कहा गया है. शिक्षकों व एचएम की अनुपस्थिति अथवा हाजिरी बनाकर गायब हो जाने की स्थिति में जनप्रतिनिधित टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

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Author: PRABHAT KUMAR

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