एसएसपी से जांच की मांग
दरभंगा : रघेपुरा गांव में दो मार्च को हुये विष्णुदेव पासवान हत्याकांड में निर्दोष लोगों को फंसाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. इसको लेकर सोमवार को ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल एसएसपी सत्य वीर सिंह से मिलकर आवेदन सौंपा. दिये आवेदन में ग्रामीणों ने हत्याकांड में सूचक व उनके परिवार द्वारा गलत ढंग से निर्दोष लोगों को फंसाने के विरूद्ध जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की. बता दें कि इसको लेकर रविवार को रघेपुरा गांव स्थित पंचायत भवन पर स्थानीय सरपंच के पति अनिल कुमार पासवान की अघ्यक्षता में बैठक हुई थी. इसमें स्थानीय लोगों नें मृतक विष्णुदेव पासवान के चाचा अशोक पासवान द्वारा स्थानीय लोगों को धमकाने है और रंगदारी मागंने का आरोप लगाया.
जिससे स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया है. रामनारायण पासवान, बिरजू पासवान, दिलीप पासवान, मो. नजबुल, शिवनारायण पासवान, धरम दास, भगलू दास, सिया पासवान, रामानंद पासवान, कमल पासवान, बैधनाथ पासवान, शंभु राम, महेंद्र महतेा सहित दर्जनों स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक के चाचा अषोक पासवान प्रोपटी डीलर का काम करता है और विवादित भूमि की खरीद-बिक्री का काम करता है. 1998 में भी भूमी विवाद को लेकर बहुत बड़ा विवाद हुआ था़
इसके कारण इस हत्याकांड में निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है. मालूम हो कि रघेपुरा गांव में एक मार्च को भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी. इसी दौरान अशोक पासवान के भतीजा विष्णुदेव पासवान गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे. डीएमसीएच में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी थी. अशोक पासवान के आवेदन पर थाना में 22 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.
