दरभंगा : काव्य सत्र की अध्यक्षता कर रहे अरुण कमल ने अच्छी संख्या में सहृदय श्रोता मिलने पर खुशी जतायी. उन्होंने कहा कि पटना में भी इतनी संख्या में श्रोता एक साथ कम ही मिलते हैं. इतनी भाषाओं के तो नहीं ही मिलते हैं. उन्होंने साहित्य अकादेमी से आग्रह किया कि इसी तरह का आयोजन वह महाकवि विद्यापति के गांव विस्फी और जनकवि बाबा यात्री-नागार्जुन के गांव तरौनी में आयोजित करे. विश्वविद्यालयों के विभागों द्वारा कुछ नहीं किये जाने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने उन्हें निर्जीव तक कह दिया. साहित्य के शिक्षकों की इस तरह के कार्यक्रमों से दूरी पर भी उन्होंने नाराज़गी का इजहार किया.
विद्यापति व नागार्जुन के गांव में भी हो आयोजन : अरुण कमल
दरभंगा : काव्य सत्र की अध्यक्षता कर रहे अरुण कमल ने अच्छी संख्या में सहृदय श्रोता मिलने पर खुशी जतायी. उन्होंने कहा कि पटना में भी इतनी संख्या में श्रोता एक साथ कम ही मिलते हैं. इतनी भाषाओं के तो नहीं ही मिलते हैं. उन्होंने साहित्य अकादेमी से आग्रह किया कि इसी तरह का आयोजन […]
