दरभंगा : आइजी कार्यालय पर मंगलवार की दोपहर उस वक्त अजीबो-गरीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना के मोहनपुर ओपी निवासी गढ़ी मोहनपुर निवासी संतोष राय अपने नौ बच्चों और पत्नी के साथ आत्मदाह करने पहुंच गये. दर-दर की ठोकर खाने के बाद भी न्याय नहीं मिलने से संतोष पूरे परिवार के साथ डब्बे में किरासन तेल और माचिस लेकर आईजी कार्यालय पहुंच गए.
जानकारी मिलने पर आइजी उमाशंकर सुधांशु संतोष व उनकी पत्नी को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया. बावजूद संतोष मानने को तैयार नहीं था. उसका कहना था कि उसे आश्वासन तो मिलता है, लेकिन न्याय नहीं. बाद में लहेरियासराय थाना व महिला थाना पुलिस ने सभी को थाने ले गए.
संतोष ने बताया कि 28 अप्रैल 2013 को उसकी छह वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था. इसको लेकर गांव के राकेश रंजन के विरुद्ध पटोरी थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस घटना के बाद से उसके परिवार को तरह-तरह की धमकी मिलनी शुरू हुई. केस उठाने की धमकी दी गई. केस नहीं उठाने पर छोटे-छोटे बच्चों के साथ गांव से निकाल दिया गया. इसके कारण बच्चों के साथ मोहिउद्दीनगर महनार के समीप सड़क किनारे गुजर बसर कर रहा है. बावजूद पिछले साल राकेश रंजन के चचेरे भाई मंजय लाल राय ने उनलोगों के साथ मारपीट की.
संतोष ने बताया कि इससे भी मन नहीं भरा तो सात अप्रैल को उसके और फरीक कमलकांत राय, आलोक राय सहित छह-सात लोग उनकी पत्नी रागिनी देवी के साथ मारपीट कर सिर फोड़ दिया. इस दौरान उसके बेटे राज कुमार को भी गाड़ी के सामने पटक दिया. कहा कि उसपर लगातार अन्याय होने के बाद भी न्याय नहीं मिल रहा है. इससे तंग और निराश होने के कारण वे पूरे परिवार के साथ आत्मदाह करने की ठानी है. संतोष ने कहा कि उसे अगर अभी भी न्याय नहीं मिला तो वह पूरा परिवार आत्मदाह कर लेगा.
