खुलासा . फुलपरास में नाना के घर पर रह कर पढ़ाई करता था छात्र
दरभंगा : एएसपी दिलनवाज अहमद के निर्देश पर भालपट्टी ओपी पुलिस पंजाब के मोहाली में छापेमारी कर बाइक लूट मामलों के सरगना इंजीनियरिंग के छात्र कुंदन तिवारी उर्फ अर्णव को गिरफ्तार की है. अर्णव के खिलाफ सदर, विवि व भालपट्टी ओपी में बाइक लूट व छीनतई के करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं. इतने मामले दर्ज होने के बाद भी पुलिस को अर्णव के सही नाम व पता की जानकारी नहीं थी.
अर्णव इतना शातिर था कि उसने अपने साथियों को भी अपने घर का सही पता नहीं दिया था और न ही अपना मोबाइल नंबर ही दे रखा था. एएसपी दिलनवाज अहमद को गुप्त सूचना मिली कि अर्णव पंजाब में है. सूचना मिलते ही एसएसपी सत्यवीर सिंह के आदेश पर भालपट्टी ओपी के एएसआई विरेन्द्र कुमार राम के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम पंजाब के मोहाली गई. वहां स्थानीय पुलिस की मदद से अर्णव को गिरफ्तार कर आज दरभंगा लाया गया.
एएसपी श्री अहमद ने बताया कि महेश कुमार तिवारी का बेटा कुंदन तिवारी उर्फ अर्णव नेपाल के सप्तसरी जिला के डाडा का रहने वाला है. वह मधुबनी जिले के फुलपरास में अपने नाना के घर पर रहकर पढ़ता था. आगे की पढ़ाई के लिए वह दरभंगा में एक लॉज में रहने लगा. यहां उसने पढ़ने की जगह 11 युवकों को गिरोह बनाकर बाइक लूट की घटना को अंजाम देने लगा था. गिरोह के अन्य सदस्यों के पकड़े जाने के बाद अर्णव का नाम सामने आया था, लेकिन वह कहां का रहनेवाला है, इसकी जानकारी नहीं मिली थी. इसके कारण इतने दिनों तक वह पुलिस की पकड़ से वह बाहर रहा.
एक साल से पुलिस पड़ी थी पीछे : वर्ष 2016 के शुरुआत में सदर, विवि व भालपट्टी ओपी क्षेत्र में बाइक लुटेरा गिरोह तांडव मचा रहा था. होली के समय गिरोह ने एक ही रात में तीन बाइक लूट की घटना को अंजाम दिया था. पुलिस ने चुनौती को स्वीकार की और पिछले साल गिरोह के पांच युवकों को लूट की 11 बाइक के साथ गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तारी के बाद पता चला कि गिरोह में कुल 11 सदस्य हैं. सदर थाना क्षेत्र के सारामोहनपुर निवासी मनीष कुमार यादव, राजा साह, रंजीत यादव, सुनील यादव, सुशील सहनी, माधव यादव, प्रमोद यादव, श्याम यादव उर्फ राकेश, अनिल यादव उर्फ गुड्डू, राम मिलन शर्मा व कुंदन तिवारी इस गिरोह का सदस्य है. गिरोह के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद धीरे-धीरे बांकी बचे सदस्य भी पकड़े गये, लेकिन अर्णव का कहीं पता नहीं चल सका. उसके पता में सिर्फ मधुबनी अंकित था. उसका न घर का सही पता था और न ही उसके पिता के नाम का ही.
अंधेरे में भी सही निशाने पर लगा तीर : एएसपी दिलनवाज अहमद इस कांड में गिरफ्तार अन्य शातिरों से लगातार संपर्क में थे. सभी के मोबाइल नंबर पर पुलिस की नजर थी. इस दौरान पंजाब से लगातार सभी के नंबर पर कॉल आने पर पुलिस को शक हुआ. इसके बाद उस नंबर को सर्विलांस पर लिया गया. पुलिस का शक यकीन में बदल गया. फिर पुलिस की एक टीम को पंजाब भेजा गया, जहां से अर्णव को गिरफ्तार किया गया.
