हलकान. कहर बरपा रहा शीतलहर, अब तक नहीं सुलगा प्रशासनिक अलाव
चौक-चौराहों पर ठिठुर रहे राहगीर व गरीब
बिरौल : प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ रही शीतलहर से लोग त्राहि-त्राहि करने लगे हैं. ठंड के सामने गरम कपड़े नाकाफी साबित हो रहे हैं. जरूतरमंद ही अपने घरों से निकल रहे हैं. जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता तब तक लोग अपने घरों में दुबके रहते हैं. जहां रविवार को पूरे दिन कोहरा छाया रहा वहीं सोमवार को दोपहर करीब एक बजे धूप निकली. मौसम साफ होते ही लोग धूप सेंकने अपने घर से बाहर निकल आये. वहीं जैसे ही सूर्यास्त हुआ कनकनी बढ़ गयी.
उल्लेखनीय है कि इस कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है. प्रशासन द्वारा अब तक कहीं भी अलाव का व्यवस्था नहीं किये जाने से लोगों का गुस्सा प्रशासन के प्रति पनप रहा है.
अलाव का शीघ्र प्रबंध करे प्रशासन : स्थानीय सुपौल बाजार निवासी मो. आमीर ने बताया कि जारी शीतलहर से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. स्थानीय प्रशासन को अविलंब बस पड़ाव, रेलवे स्टेशन, अस्पताल आदि स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करनी चाहिए. टुनटुन साह का कहना था कि प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. लोग अपने स्तर से ठंड से बचने के लिए अलाव जला रहे हैं. जब की सरकार द्वारा लोगों को ठंड से बचाव के लिए जिला को राशि मुहैया कराई गयी है.
इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं की जा रही है. मो. नथन ने बताया कि शीतलहर में प्रशासन ने आज तक समय पर अलाव का प्रबंध नहीं करता. देर से अलाव की व्यवस्था किया जाना यहां की परम्परा सी बन गयी है. बिरौल सेंट्रल स्कूल के निदेशक मनोज झा ने बताया कि ठंड का इतना असर है कि पूरा रूह कांप जाता है. ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है. ठंड लगने से कै दस्त हो रहा है. सरकारी स्तर पर चौक-चौराहों पर अब तक अलाव नहीं जलाना दुःख की बात है.
ठंड दूर भगाने को आग तापते लोग ़
ठंड के असर को देखते हुए चौक-चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल एवं प्रखंड परिसर में अलाव की व्यवस्था किये जाने का निर्देश अनुमंडल के सभी अंचल पदाधिकारी को दिया गया है.
मो. शफीक, एसडीओ
ठंड से दुधमुंहे की मौत
बिरौल: प्रखंड क्षेत्र के सुपौल पंचायत स्थित वार्ड 9 में सुमन साह के छह माह के दुधमुंहे पुत्र सुभाष साह की मौत हो ठंड लगने से हो गयी. मृतक की मां पीड़िता रौशन देवी ने बताया कि अचानक सुबह में तेज गति से सांस चलने लगा. अपने बच्चे को जब तक इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले जाती उसकी मौत हो गयी. वहीं मृतक के दादा राजेंद्र साह ने बताया कि बच्चे के इलाज के लिए घर में पैसा नहीं था. बहू द्वारा अपने बच्चे के इलाज के लिए घर में रखे जेवरात बंधक रख कर रूपये लाने कहा. बंधक रखने जा ही रहे थे कि उसकी मौत रास्ते में हो जाने की खबर मिली. इधर मुखिया शत्रुघ्न सहनी ने ठंड से मौत की बतायी व पीड़ित परिजन के घर पहुंच कर सांत्वना दिया.
