दरभंगा : डिजिटल पेमेंट के लिए केंद्र सरकार के जारी दिशा निर्देश पर जिला मुख्यालय केविभिन्न प्रमुख कार्यालयों में अबतक अमल नहीं किया गया है. अभी भी पुरानी व्यवस्था के तहत ही टैक्स आदि चुकाये जा रहे हैं.
विभिन्न विभागों के अधिकारियों का कहना है कि अबतक उनलोगों के पास डिजिटल पेमेंट लेने के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं आया है. ऑनलाइन पेमेंट की पहले से व्यवस्था है, बावजूद इसे लोग स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. यही कारण है कि निबंधन कार्यालय में अबतक दो या तीन लोगों ने ही ऑनलाइन पेंमेंट के माध्यम से निबंधन कराया है. डीटीओ कार्यालय में अबतक किसी ने ऑनलाइन भुगतान नहीं किया है. बिजली विभाग में तो ऑनलाइन भुगतान में वृद्धि के बदले गिरावट ही दर्ज की गयी है. नोटबंदी के बाद ऑनलाइन भुगतान में 20 प्रतिशत की कमी आयी है. नगर निगम में भी ऑनलाइन भुगतान करने को करदाता इच्छुक नहीं दिख रहे.
जिला निबंधन कार्यालय में ऑनलाइन भुगतान की सुविधा कुछ माह पूर्व उपलबध करायी गयी थी. ई-पेमेंट के जरिये निबंधन की प्रक्रिया चल रही है.
इसका लाभ लेने वाले को दो हजार की छूट भी प्राप्त है. अवर निबंधन पदाधिकारी रीता सिन्हा ने बताया कि अबतक दो-तीन लोगों ने ही इ-पेमेंट के जरिये निबंधन कराया है. अबतक इस विभाग में डिजिटल पेमेंट को लेकर कोई दिशा निर्देश ऊपर से नहीं आया है. जिला परिवहन कार्यालय में इ-पेमेंट करने पर एक प्रतिशत की छूट है. अबतक किसी ने इस योजना के तहत भुगतान नहीं किया है.
इस विभाग को भी अबतक ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट के बाबत कोई निर्देश नहीं मिला है. नगर निगम में भुगतान नकद या चेक के माध्यम से लिया जा रहा है. यहां ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था अबतक शुरू नहीं हुई है. कैशलेस भुगतान के लिए स्वाइप मशीन भी नहीं लगायी गयी है.
राजस्व प्रभारी प्रजापति मिश्र के अनुसार बहुत जल्द स्वाइप मशीन की व्यवस्था कर ली जायेगी. इसे लेकर निगम ने प्रस्ताव मांगा है. उन्होंने बताया कि निगम कार्यालय से लेकर वार्ड तक में कुल 40 स्वाइप मशीन की जरूरत है. श्री मिश्र ने उम्मीद जतायी कि जनवरी तक स्वाइक मशीन से भुगतान लिये जाने की संभावना है. बिजली विभाग में ऑनलाइन बिल का भुगतान पहले से लिया जा रहा है. बावजूद नोटबंदी के बाद ऑनलाइन भुगतान में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है.
विभाग को अबतक कैशलेस भुगतान के बाबत कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है. निजी स्वास्थ्य संस्थानों में डिजिटल पेमेंट को लेकर अभिरुचि बढ़ी है. करीब एक दर्जन निजी नर्सिंग होम में स्वाइप मशीन लगाने की प्रक्रिया चल रही है. वैसे अबतक किसी स्वास्थ्य संस्थान में स्वाइप मशीन की व्यवस्था नहीं की गयी है.
