कैबिनेट का गठन नहीं होना बन रहा कारण
सदस्यों में खींचतान से काम हो रहा प्रभावित
आज तक भेजी जानी थी कैबिनेट गठन की सूची
दरभंगा : प्रस्तावित मिथिला जिला सहकारिता बैंक के रजिस्ट्रेशन के लिए आरबीआइ ने इससे जुड़े केबिनेट पदाधिकारियों की सूची मांगी है. जबकि अभी तक संस्था में सदस्यों की संख्या काफी कम है. एक संगठन कर्ता द्वारा प्रस्तावित बैंक का खाता खोला गया है. इधर पैक्स एवं व्यापार मंडल सदस्य अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं कार्यकारी सदस्यों के चयन को लेकर परेशान हैं. जबकि कैबिनेट गठन के लिए प्राइमरी स्तर की सहयोग समितियों जैसे मछुआ, बुनकर, नाव यातायात, श्रमिक, उपभोक्ता भंडार आदि का भी सहयोग लेना जरूरी है. सभी इसके सदस्य हो सकते हैं. जबकि कैबिनेट गठन में सदस्य मतदाता हो सकते हैं,
जो प्रस्तावित बैंक के सदस्य एवं शेयर धारक होंगे. इस संबंध में जिला सहकारिता पदाधिकारी अरुण कुमार ने कहा कि सहकारिता नियमावली 1935 की धारा के तहत ही संगठन के गठन का कार्य किया जा सकता है. इसके लिए प्रस्तावित बैंक का सदस्य एवं शेयर होल्डर होना जरूरी है. अभी तक कुछ सहयोग समितियों के अध्यक्ष ही इससे जुड़े हैं. जब तक कुल सदस्यों का 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार नहीं कर जाता कैबिनेट का गठन नहीं होगा. सात दिसंबर तक ही कैबिनेट गठन की कॉपी राज्य सहकारिता वित्त निगम के भेजी जानी थी. अगली तिथि निर्धारण के लिए मुख्यालय से मार्ग दर्शन मांगा जा रहा है. पैक्स अध्यक्ष भगवान ठाकुर ने बताया कि किसानों के हित में प्रस्तावित बैंक इसी माह खुल जाता. आरबीआइ से मान्यता प्राप्त हो जाता, परंतु आपसी लड़ाई के कारण नहीं लगता की अगले साल भी बैंक खुल पायेगा.
बर्थ उपलब्धता जानने के लिए भी लगती है लाइन
असुविधा. आरक्षण संबंधी जानकारी को वैकल्पिक व्यवस्था नहीं
