नोटबंदी. बैंकों व एटीएम पर लगा रहा तांता
सीबीआइ व प्रधान डाकघर ने चिपकाया नोटिस
पीएनबी शाखा पर जुटी ग्राहकों की भीड़.
दरभंगा : समय के साथ पैसे की किल्लत बढ़ती जा रही है. इसके साथ ही लोगों की परेशानी में इजाफा होता जा रहा है. स्वाभाविक रूप से बैंक तथा एटीएम पर ग्राहकों की कतार छोटी होने के बजाय लंबी होती जा रही है. रविवार को भी बैंक व डाकघर खुले रहे. लोगों की कतारें लगी रही. हालांकि इस दौरान कई शाखाओं ने पैसे का अभाव बता राशि भुगतान से हाथ खड़े कर लिये. डाकघर ने असमर्थता जता दी. लिहाजा लोग छुट्टी के दिन भी परेशान रहे.
दिखी पैसे की किल्लत: शुरूआत के दिनों में तो लोगों ने बेवजह भी आपाधापी मचा दी, लेकिन जैसे-जैसे वक्त गुजरता जा रहा है परेशानी बढ़ती जा रही है. लोगों के पास के पैसे खत्म होने के साथ ही राशि निकासी की बेतावी बढ़ती जा रही है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लक्ष्मीसागर उपडाकघर में महज तीन घंटे में ही दो लाख रुपये बंट गये. इसके बाद यहां भी राशि मिलनी बंद हो गयी.
तीन दिनों में उपलब्ध होगी राशि
पैसे के अभाव में अधिकांश बैंक शाखा व एटीएम से राशि की निकासी नहीं हो रही है. इस समस्या से लनामिवि परिसर स्थित सेंट्रल बैंक में ग्राहक जूझते रहे. प्रबंधक सत्येंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि दो से तीन दिनों में राशि उपलब्ध होने के आसार हैं. एक पखवाड़ा में एटीएम भी सामान्य काम करने लगेगा. इसके बाद लोगों की समस्याएं नियंत्रित हो जायेगी.
डाकघरों ने खड़े किये हाथ: पांच दिन बाद भी डाकघर से लेन-देन की स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है. रविवार को भी डाकघरों ने पैसे बदलने से इनकार कर दिया. राशि नहीं रहने की बात कह ग्राहकों को लौटा दिया. पांच सौ व हजार के पुराने नोट बंद करने का ऐलान के साथ ही प्रधानमंत्री ने आमजन की सुविधा के लिए बैंक के साथ ही डाकघरों में भी नोटों की अदला-बदली के प्रबंध की घोषणा की थी, परंतु जिले में डाकघर इस पर खड़े नहीं उतर रहे.
चार रुपये में बेचा फाॅर्म: पुराने करेंसी की अदला-बदली के लिए फार्म की कालाबाजारी हो रही है. जरूरतमंद उपभोक्ताओं से एक फार्म के एवज में रविवार को चार रुपये वसूले जा रहे थे. लक्ष्मीसागर उपडाकघर के सामने जब लोगों का गुस्सा इसको लेकर भड़का तो फार्म का बंडल छोड़ आरोपित भाग खड़ा हुआ. इसके बाद लोगों ने उसके फार्म को आपस में बांट लिया.
