नृत्यांगना डोना गांगुली ने कहा, दरभंगा में ओडिशी को मिल रहा काफी प्यार
अलग-अलग संस्कृतियों की अपनी-अपनी विशिष्टताएं
दरभंगा : हमारी संस्कृति दुनिया के अलग-अलग देशों में तेजी से फैल रही है. पश्चिम की संस्कृतियों से हम आहत नहीं हैं. अलग -अलग संस्कृतियों की अपनी – अपनी विशिष्टता है. सभी को अभ्यास के द्वारा पोषण की आवश्यकता है. एक कार्यक्रम में यहां आयी प्रसिद्ध ओडिशी नृत्यांगना डोना गांगुली ने यह बात कही.
उन्होंने कहा कि दरभंगा में ओडिशी को स्थापित करने में पाठक बन्धुओं का बहुत बड़ा योगदान है. ओडिशी नृत्य का मिथिला की संस्कृति से काफी पुराना जुड़ाव रहा है. दरभंगा में ओडिशी को काफी प्यार मिला है. यही कारण है कि सृष्टि फाउंडेशन के 10 वें वार्षिकोत्सव पर एक बार पुनः 11 दिसंबर को यहां आने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ नीलिमा सिन्हा ने कहा कि ओडिशी एवं मिथिला कला के फ्यूजन से सुखद फल मिल रहा है.
कला की विभिन्न विधाओं को देखना अच्छा लगता है. नगर विधायक संजय सरावगी ने कहा कि दरभंगा में नृत्य सहित अन्य कला विधाओं में आ रहे निखार और विकास के लिए पाठक बंधु धन्यवाद के पात्र हैं. मौके पर मिथिला विवि स्नातकोत्तर अंंगरेजी विभागाध्यक्ष डॉ अरुणिमा सिन्हा, मानविकी संकाय के पूर्व अध्यक्ष डॉ बी के सिंह, डॉ जयशंकर झा ने भी सृष्टि फाउंडेशन के कार्यों की सराहना की. स्वागत भाषण कामेश्वर कुमार ओझा ‘ मोहन’, मंच संचालन प्रो अनिल झा और धन्यवाद ज्ञापन फाउंडेशन के सचिव मनोहर पाठक ने किया.
इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत कुंकुम, टीका एवं आरती पिंकी मेहता और निदेशक जयप्रकाश पाठक द्वारा किया गया. कार्यक्रम में प्रो कुंदन कुमार, डॉ सुमित मंडन, कमल नारायण पाठक, रविरंजन, नयन मांझी, सोनाधारी सिंह, भवेश चौधरी, महाकांत कुमार, एस पी मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित थे. इससे पूर्व रामबाग स्थित सृष्टि फाउंडेशन के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन कासिंदसंवि की कुलपति डॉ नीलिमा सिन्हा, विधायक संजय सरावगी तथा डोना गांगुली ने दीप जलाकर व फीता काटकर किया.
तीन दिवसीय अहल्या गौतम महोत्सव शुरू
