19वीें पुण्यतिथि . विभिन्न आयोजनोंे के जरिये किया गया याद
दरभंगा : बैद्यनाथ मिश्र यात्री (बाबा नागार्जुन) की 19 वीं पुण्य तिथि शनिवार को विभिन्न संघ, संगठन एवं विश्वविद्यालय परिवार की ओर से लनामिवि परिसर स्थित प्रतिमा स्थल के समीप मनाया गया. बाबा नागार्जुन की प्रतिमा पर बारी-बारी से सबों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया. संकल्प सभा भी आयोजित की गयी.
विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी सहित कई अन्य शिक्षक कर्मचारियों ने बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. उधर विवि परिवार की ओर से कुलपति के दायित्व का निर्वहन कर रहे मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ रामचंद्र ठाकुर ने भी बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. मौके पर डॉ ठाकुर ने कहा कि बाबा का नाम अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज पर है.
उनकी रचनाएं जन जन से जुड़ाव रखने वाला है. उन्होंने कहा कि गद्य एवं पद्य की रचना में उनकी ऐसी भूमिका रही कि जीवंत रचना कार के रुप में वे सदैव स्मरणीय रहेंगे. सीपीआइ के राम कुमार झा ने कहा कि मानव जीवन के सच को अपनी रचनाओं के माध्यम से निर्भिकता पूर्वक चित्रण करते थे. इस क्रम में वे सत्ता और विपक्ष की परवाह नहीं करते थे. मौके पर डॉ विनोद कुमार चौधरी, प्रो. चंद्रेश, डॉ बुचरु पासवान, प्रो. चंद्रभानू सिंह, प्रो. अनिल कुमार झा, मणिकांत झा, विजय कुमार यादव, सुरेंद्र प्रसाद सुमन आदि मौजूद थे.
मिथिला विकास संघ के दरभंगा इकाई की ओर से कमलेश उपाध्याय की अध्यक्षता में संकल्प सभा हुई. मौके पर संघ के संयोजक सुजीत कुमार आचार्य ने कहा कि बाबा को प्रतिरोध की संस्कृति का कवि बताते हुए उनकी रचनाएं हमेशा शोषितों-पीड़ितों का मार्ग दर्शन रहा है. संकल्प सभा में रामबाबू चौपाल, वरुण झा, अजय कांत, कामोद चौधरी, मृत्युंजय मृणाल, ज्ञानेश्वर राय, विकास झा, विभूति चौधरी, विकास आनंद मोनू, रिंकू झा आदि मौजूद थे.
इधर लोहिया चरण सिंह कॉलेज में कॉलेज परिवार एवं जनसंस्कृति मंच की ओर से प्रधानाचार्य डॉ रामावतार यादव की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा हुई. मौके पर मंच के पूर्व राज्य सचिव डॉ सुरेंद्र प्रसाद सुमन ने कहा कि प्रारंभ से ही बाबा क्रांति समता, प्रगति एवं जनवाद के प्रति समर्पित साहित्यकार थे. वे अंतिम क्षण तक गरीबों व महिलाओं की समस्याओं को अपनी रचनाओं के माध्यम से सत्ता और विपक्ष के सामने प्रदर्शित करते रहे. प्रदेश अध्यक्ष प्रो. कल्याण भारती ने कहा कि उनकी साहित्य हमेशा दलित पीड़ित एवं शोषित जनता को मार्ग दर्शन करती रहेगी. मौके पर डॉ रामबाबू आर्य, प्रो. शिवनारायण यादव, संतोष कुमार, प्रो. रामनंदन राय, मुकेश कुमार आदि मौजूद थे.
