अपनी बेटी के वैवाहिक जीवन को ले भटक रहा नि:शक्त डीआइजी से की फरियादकहा-हुजूर दामाद ने बेटी को छोड़ दूसरे से रचा ली शादीफोटो. 7परिचय. जनता दरबार में डीआइजी से फरियाद लगाते पीडि़तदरभंगा. मैं शारीरिक रूप से नि:शक्त हूं. किसी तरह अपनी बेटी की शादी की. क्षमता के अनुरूप पूरी तरह आवभगत किया, लेकिन मेरे दामाद ने मेरी बेटी को छोड़ दूसरी लड़की से शादी रचा ली है. बेटी की शादी कर उससे निश्चिंत होने के बजाय मानसिक, शारीरिक व आर्थिक रूप से मेरी परेशानी बढ़ गयी है. इसको लेकर समस्तीपुर जिला के विभूतिपुर थाना में कांड भी अंकित कराया, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही. दामाद न तो मेरी बेटी को अपने पास रख रहा है और न ही खर्च ही दे रहा है. यह कहते कृष्ण कुमार महतो की आंख डबडबा गयी. शुक्रवार को डीआइजी उमाशंकर सुधांशु के कार्यालय कक्ष का माहौल एक पल के लिए गंभीर हो गया. विभूतिपुर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर वार्ड संख्या 4 के रहने वाले कृष्ण कुमार ने न्याय की गुहार लगाते हुए बताया कि उसने वर्ष 2012 में अपनी बेटी की शादी इसी थाना क्षेत्र के कराई मजकोठी निवासी रामेश्वर सिंह के पुत्र अनिल सिंह से करायी थी. कुछ दिनों तक सबकुछ ठीक रहा. इस बीच दामाद ने अपनी रिश्ते की भाभी से शादी रचा ली और अपने नये ससुराल में ही रहने लगा. इस बीच बेटी के ससुरालियों ने उनकी पुत्री को भी घर से निकाल दिया. इस पर थाना में आवेदन दिया. मामला दर्ज भी हुआ, लेकिन पुलिस इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. सामाजिक स्तर पर पंचायत में भी कोई निदान नहीं निकल पाया. थक-हार कर अब आपके शरण में आये हैं. पुत्री के साथ पहुंचे इस पीड़ित की पूरी कहानी के सुनने के बाद डीआइजी ने विधि सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाया. डीआइजी के जनता दरबार में इसके अतिरिक्त कई अन्य मामले भी आये. सभी की बारी-बारी से सुनवाई कर उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिलाया.
अपनी बेटी के वैवाहिक जीवन को ले भटक रहा नि:शक्त
अपनी बेटी के वैवाहिक जीवन को ले भटक रहा नि:शक्त डीआइजी से की फरियादकहा-हुजूर दामाद ने बेटी को छोड़ दूसरे से रचा ली शादीफोटो. 7परिचय. जनता दरबार में डीआइजी से फरियाद लगाते पीडि़तदरभंगा. मैं शारीरिक रूप से नि:शक्त हूं. किसी तरह अपनी बेटी की शादी की. क्षमता के अनुरूप पूरी तरह आवभगत किया, लेकिन मेरे […]
