अंचल के घर पर बनी थी इंजीनियर हत्याकांड की योजना

अंचल के घर पर बनी थी इंजीनियर हत्याकांड की योजना घटना को अंजाम देने के लिए हर महीने ऋषि को मिलती थी तनख्वाहकई कांडों में रहा है संलिप्ततादरभंगा : इंजीनियर हत्याकांड की योजना सीतामढ़ी में तैयार की गयी थी. मुकेश पाठक के लाइनर के रूप में काम करने सीतामढ़ी जिले के नानपुर गांव में अंचल […]

अंचल के घर पर बनी थी इंजीनियर हत्याकांड की योजना घटना को अंजाम देने के लिए हर महीने ऋषि को मिलती थी तनख्वाहकई कांडों में रहा है संलिप्ततादरभंगा : इंजीनियर हत्याकांड की योजना सीतामढ़ी में तैयार की गयी थी. मुकेश पाठक के लाइनर के रूप में काम करने सीतामढ़ी जिले के नानपुर गांव में अंचल झा के घर पर यह योजना बनी थी. मुकेश पाठक, विकास झा समेत इस घटना को अंजाम देने में शामिल सभी शातिर अपराधी उसमें शामिल थे. यह खुलासा पुलिसिया पूछताछ के दौरान सामने आया है. सीतामढ़ी से गिरफ्तार मुकेश पाठक के शॉर्प शूटर ऋषि झा ने यह भी कबूल किया है कि घटना को अंजाम देने के लिए उसे हर महीने गिरोह की ओर से मोटी तनख्वाह मिलती थी. उसने इंजीनियर हत्याकांड के हर उस पहलू को बताया जो पुलिस जानना चाहती थी. उसने पुलिस को कई अहम सुराग भी दिये हैं जिसके माध्यम से एसटीएफ एवं सीआईटी की टीम मुकेश पाठक एवं उसके अन्य शागिर्दों तक पहुंच सके. हालांकि स्पष्ट तौर पर कोई भी अधिकारी पुलिसिया पूछताछ में मिले अहम सुरागों का खुलासा करने से परहेज कर रहे हैं. पर एसएसपी एके सत्यार्थी ने इतना कहा कि ऋषि झा की गिरफ्तारी से पुलिस को इस मामले में अहम सुराग मिले हैं. जल्द ही इस गिरोह का मुख्य सरगना पुलिस के हत्थे आ जायेगा. घटना के दिन बोलेरो से कर रहा था रेकीबहेड़ी थाना क्षेत्र के शिवराम में सड़क निर्माण कंपनी के दो इंजीनियरों की हत्या के समय ग्रे कलर के बोलेरो से रेकी करने वाला कोई और नहीं बल्कि ऋषि झा, सुनील मिश्रा उर्फ सुमित मिश्रा समेत अन्य था. मुकेश पाठक व विकास झा को लाइनर के लिए लायनर के रूप में तो काम कर ही रहा था, घटना के बाद उसे सुरक्षित निकालने में भी इसने अहम भूमिका निभायी थी.मुकेश के साथ मिलकर ऋषि ने कई कांडों को दिया अंजामबतौर एसएसपी एके सत्यार्थी ऋषि झा ने मुकेश पाठक एवं विकास झा के साथ मिलकर कई कांडों को अंजाम दिया है. एसएसपी ने बताया कि ऋषि झा ने पुलिसिया पूछताछ में इस बात को स्वीकार किया है. बहेड़ी घटना के साथ साथ गोपालगंज के वशिष्ठा कंस्ट्रक्शन कंपनी से रंगदारी मांगने का काम इसने ही किया था. वर्ष 2012 में मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी सड़क निर्माण के दौरान बीएससी एंड सीएनसी कंपनी के सुपरवाईजर को गोली मारने में भी यह शामिल था. मोतिहारी में वष्र्ज्ञ 2010 में तथा सीतामढी में वर्ष 2012 में रंगदारी मांगने एवं नहीं देने पर हत्या कर दिये जाने के मामले में भी इसकी संलिप्तता रही है. बेलसंड थाना के हसौर में हुई घटना में भी यह शामिल था.

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