अक्षर आंचल मेला में नगण्य रही उपस्थिति

सदर, दरभंगा : प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाके से लकर शहर तक की सीआरसी पर बुधवार को आयोजित अक्षर आंचल मेला महज खानाूपरी ही बनकर रह गयी. अधिकांश जगहों पर आयोजित मेले में उपस्थिति नगण्य रही. शिक्षा विभाग की तरफ से प्रत्येक सीआरसी को 5000 रुपया नकद उपलब्ध करायी गयी है. इतनी राशि खर्च करने […]

सदर, दरभंगा : प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण इलाके से लकर शहर तक की सीआरसी पर बुधवार को आयोजित अक्षर आंचल मेला महज खानाूपरी ही बनकर रह गयी. अधिकांश जगहों पर आयोजित मेले में उपस्थिति नगण्य रही. शिक्षा विभाग की तरफ से प्रत्येक सीआरसी को 5000 रुपया नकद उपलब्ध करायी गयी है. इतनी राशि खर्च करने के बावजूद इस योजना में कोई उपलब्धि हासिल नहीं हुई.

मालूम हो कि राज्य सरकार की ओर से महादलित, अल्पसंख्यक एवं अतिपिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना के नाम से चलाया जा रहा है. इसमें 15 वर्ष से उपर की अनपढ़ महिलाओं को साक्षर बनाया जाता है. इसके लिए ग्रामीण एवं नगर में जगह-जगह सीआरसी का निर्धारण कर शिक्षा ग्रहण कराया जाता है. शिक्षण कार्य के लिए सरकार द्वारा टोला सेवक व तालिमी मरकत मानेदय पर नियुक्त हैं. देखरेख के लिए सभी सीआरसी पर संकुल समन्वयक को दायित्व सौंपा गया है.

वर्ष मेंदो से तीन बार अक्षर आंचल मेला का आयोजन कर साक्षर महिलाओं के बीच विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिता एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार दिये जाने का प्रावधान किया जा चुका है. हालांकि इसे सही संचालनक े लिए सीआरसी व सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण दिये जाने की भी जरूरत बतायी जा रही है.

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