\\\\टं३३ी१त्र/ू/रचाौथे दिन भी ठप रहा एसएच 88 का निर्माण \\\\टं३३ी१त्र/रफोटो::37परिचय : एसएच 88 का निर्माण ठप बहेड़ी : इंजीनियर हत्या काण्ड के चौथे दिन भी एसएच 88 का निर्माण ठप रहा. 7 सौ 50 करोड़ की लागत से वरुणा पुल से रसियारी पुल तक यह सड़क बन रहा है. अक्टूबर 2013 में शुरु हुए निर्माण कार्य को जनवरी 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्घारित किया गया था. लेकिन भूमि अधिग्रहण में विलंब के कारण सरकार ने एकरारनामें में तय समय सीमा को बढा कर जनवरी 2018 कर दिया है. इस सड़क को वरुणा पुल के पास एनएच 103 से मिलाने का लक्ष्य है. कोसी पर बने बलुआहा घाट पुल से इसे जोड़ने की योजना है. लेकिन सरकार एवं निर्माण एजेंसी सी एंड सी की विफलता के कारण अभी तक यह सड़क एक तिहाई भी नही बन पाया है. सरकार एवं कोर्ट ने भी जब निर्माण लागत बढाने से इनकार कर दिया तो एजेंसी ने पिछल े महीने से काम में तेजी लायी. लेकिन दो इंजीनियरों की हुई हत्या के बाद काम ठप हो जाने से स्थानीय लोग भी चिंतित हैं. /इ इस सड़ की मुख्य बातें /इ* इस सड़क के बन जाने से सहरसा एवं पटना की दूरी 100 से 150 किमी कम हो जायेगी. * इसका फायदा दरभंगा जिला के किरतपुर, घनश्यामपुर, अलीनगर, बेनीपुर, बड़ेड़ी, बिरौल, गौराबौराम एवं कुशेश्वर स्थान दोनों प्रखंडों के लोगों को होगा. * अभी जिला के पूर्वी भाग के एक दर्जन से अधिक प्रखंड के लोग पटना जाने के लिए दरभंगा से बस पकड़ते हैं. * बरुणा पुल से एनएच 103 सीधे हाजीपुर पासवान चौक पर इस सड़क को जोड़ देगी.* बहेड़ी से पटना की दूरी 160 किमी से घट कर महज 105 किमी रह जायेगी.
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