दरभंगा व शिवहर में कालिया व अभिषेक ने दिया घटना को अंजाम!
निर्माण कंपनियों की सुरक्षा बढ़ी
मुकेश गिरोह के शार्प शूटर है विकास व कालिया
एसपी के निर्देश पर संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ीं
सीतामढ़ी : दरभंगा में रंगदारी नही देने के कारण दो इंजीनियर की हत्या को लेकर सीतामढ़ी पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है. एसपी हरिप्रसाद एस ने सभी थानाध्यक्षों को चौकस रहते हुए पुलिस गश्ती तेज करने का स्पष्ट निर्देश दिया है.
कैंप पर सैप जवान तैनात: एसपी के निर्देश का असर बीएससी एंड सीएनसी के कैंप पर देखा जा रहा है. डुमरा प्रखंड अंतर्गत लगमा गांव के समीप एनएच-77 किनारे स्थित उक्त कंपनी के प्रधान कार्यालय के पास सुरक्षा को लेकर पांच सैप जवान की तैनाती की गई है. इसके अलावा पुलिस की गश्ती भी बढ़ा दी गई है. रविवार की रात थानाध्यक्ष छोटन कुमार ने निर्माण कंपनी के समीप सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया.
संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ीं : एसपी श्री प्रसाद ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जिले के सभी संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा भी सुरक्षा को लेकर पुलिस ने कई ठोस कदम उठाए हैं. जिसको एहतियात के तौर पर सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.
गले की फांस बना कालिया : पुलिस सूत्रों के अनुसार गत 2 दिसंबर को शिवहर में निजी बिजली निर्माण कंपनी के सुपरवाइजर व दरभंगा में दोनों इंजीनियर की हत्या में बिहार पिपुल्स लिबरेशन आर्मी के चीफ संतोष झा गिरोह के मास्टर माइंड मुकेश पाठक के इशारा पर गिरोह के शार्प शूटर विकास झा उर्फ कालिया व अभिषेक मिश्रा ने अंजाम दिया है.
हालांकि शिवहर में सुपरवाइजर राजेंद्र प्रसाद सिंह की हत्या के बाद ही पुलिस के सामने अपने नेटवर्क के माध्यम से दोनों शार्प शूटर विकास व अभिषेक के नाम का खुलासा हो गया था. हालांकि गोपनीयता के कारण नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा था, लेकिन दरभंगा में दोनों इंजीनियर की हत्या के तरीकों को देख कर दोनों के नाम की चर्चा पुलिस महकमा में जोरों पर है.
यहां बता दे कि शिवहर व दरभंगा में हत्या के लिए एके-47 का इस्तेमाल किया गया. दरभंगा की घटना के बाद दोनों जिला की पुलिस सतर्क व चौकस हो चुकी है. दोनों की गिरफ्तारी के लिए सीतामढ़ी और शिवहर जिला की पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है.
गुल झोंक कर हुआ था फरार : कालिया को गत 18 अगस्त 2013 को गिरोह के राइट हैंड चिरंजीवी सागर के साथ सीतामढ़ी पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद वह 3 फरवरी 2014 को व्यवहार न्यायालय सीतामढ़ी में पेशी के लिए लाये जाने के दौरान पुलिस की आंख में गुल फेंक कर फरार हो गया था. उस वक्त से पुलिस को विकास की तलाश है.
