दरभंगा : दो इंजीनियरों को एके-47 से भूना, SHO सस्पेंड

दरभंगा : सड़क निर्माण कंपनी के दो इंजीनियरों की अपराधियों ने शनिवार को एके-47 से गोली मारकर हत्या कर दी. घटना दिन में एक बजे दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के बहेड़ी-बहेड़ा पथ पर शिवराम चौक पर हुई. इस मामले पर कार्रवाई करते हुए आज (रविवार को) बहेड़ी थाना के एसएचओ रमाशंकर सिंह को सस्पेंड […]

दरभंगा : सड़क निर्माण कंपनी के दो इंजीनियरों की अपराधियों ने शनिवार को एके-47 से गोली मारकर हत्या कर दी. घटना दिन में एक बजे दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के बहेड़ी-बहेड़ा पथ पर शिवराम चौक पर हुई. इस मामले पर कार्रवाई करते हुए आज (रविवार को) बहेड़ी थाना के एसएचओ रमाशंकर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि समय वारदात हुई उस वक्त दोनों इंजीनियर मजदूरों के साथ सड़क निर्माण कार्य करवा रहे थे. घटना को अंजाम देने के बाद दो बाइक पर सवार चार अपराधी बहेड़ा की ओर भाग निकले.

घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी एके सत्यार्थी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. वहीं बेनीपुर डीएसपी के नेतृत्व में बहेड़ी व बहेड़ा थाना के साथ अन्य थानों की पुलिस ने अपराधियों का पीछा किया. घटना का कारण पूर्व में मांगी गयी लेवी नहीं देना बताया गया है. घटनास्थल पर अपराधियों ने एक पर्चा भी छोड़ा है, जिस पर बिहार लिबरेशन आर्मी, मुकेश पाठक जिंदाबाद लिखा हुआ है. जानकारी के अनुसार, वरुणा से रसियारी तक 120 किमी लंबे स्टेट हाइवे का निर्माण कार्य चल रहा है. बीएससी एंड सीएनसी कंपनी इसका निर्माण करा रही है. कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर मुकेश कुमार सिंह (45) व कार्य की मॉनीटरिंग कर रही रोडिया कंसलटेंट कंपनी के फिल्ड इंजीनियर ब्रजेश कुमार सिंह (30) कुछ सुपरवाइजरों व मजदूरों के साथ शिवराम चौक पर काम करवा रहे थे.
इसी बीच एके-47 से लैस दो बाइक पर सवार चार अपराधी साइट पर आ धमके और दोनों इंजीनियरों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. दोनों के सिर व पेट में 15-20 गोलियां लगीं. गोली लगने के बाद दोनों इंजीनियर गिर गये. जबकि अपराधियों की फायरिंग के बाद कार्य कर रहे अधिकारी, सुपरवाइजर व अन्य मजदूर भाग निकले. शिवराम चौक पर अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी. घटना को अंजाम देने के बाद चारों अपराधी बहेड़ा की ओर भाग निकले.
घटनास्थल पर अपराधियों ने पर्चा भी छोड़ा है, जिस पर मुकेश पाठक जिंदाबाद, बिहार लिबरेशन आर्मी.
विकास. तुम भागकर कहां जाओगे, जहां जाओगे, हमें पाओगे, लिखा है.
अपराधियों के भागने के बाद कंपनी के कर्मचारी गंभीर अवस्था में दोनों इंजीनियरों को इलाज के लिए डीएमसीएच ले गये. हालांकि रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया था. दोनों को इमरजेंसी में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना पर डीएसपी दिलनवाज अहमद के नेतृत्व में सदर थानाध्यक्ष हरिमोहन प्रसाद, बेंता ओपी प्रभारी सुरेन्द्र पासवान समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल डीएमसीएच पहुंच गया. दोनों शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया.
मरने वाले एक इंजीनियर मुकेश कुमार सिंह बेगूसराय जिले के रहनेवाले थे, जबकि ब्रजेश कुमार सिंह औरंगाबाद जिले के.
वरुणा (समस्तीपुर) से रसियारी (घनश्यामपुर) तक 120 किलोमीटर लंबी यह 750 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है. स्टेट हाइवे 88 के तहत इसका निर्माण कार्य पिछले दो सालों से चल रहा है. इस सड़क के बन जाने से सहरसा से पटना की दूरी काफी कम हो जायेगी. वहीं आसानी से सहरसा के लोग बहेड़ी रोसड़ा के रास्ते पटना पहुंच जायेंगे.
पूर्व में मांगी थी रंगदारी
बीएससी एंड सीएनसी के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर देवेश राठौर ने बताया कि कुछ अपराधियों की ओर से रंगदारी की मांग की गयी थी. हालांकि, उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि किस अपराधी ने और कितनी राशि रंगदारी के रूप में मांग की थी. उन्होंने यह भी बताया कि इसकी सूचना एसएसपी को दे दी गयी थी. एसएसपी की ओर से एक सप्ताह पहले बीएमपी के जवानों को सुरक्षा के लिए मुहैया कराया गया था.
नक्सली नहीं, आपराधिक वारदात
डीजीपी पीके ठाकुर ने कहा कि इंजीनियरों की हत्या अभी तक कहीं से नक्सली वारदात प्रतीत नहीं हो रही है. यह आपराधिक घटना है. रंगदारी के मामले में ही इनकी हत्या की आशंका है. पूरे मामले की जांच के लिए एसएसपी दरभंगा के नेतृत्व में एक खास एसआइटी का गठन किया गया है. एसटीएफ एसपी शिवदीप लांडे को जांच के लिए दरभंगा रवाना कर दिया गया है.

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