दरभंगा में भी गरजी अपराधियों की बंदुकें दिनदाहड़े दो इंजीनियरों की हत्या कर पुलिस को दी खुली चुनौतीपहली बार इतनी बड़ी घटना से दशहत में है लोगविनोद कुमार गिरि. मिथिलांचल की सांस्कृतिक राजधानी के रुप में शुमार दरभंगा में भी अपराधियों की बंदुकें गरजने लगी है. बहेड़ी थाना क्षेत्र के गंगदह प्राथमिक विद्यालय के समीप शिवराम चौक पर दिन दहाड़े सड़क निर्माण कंपनी के दो इंजीनियरों की एके 47 एवं पिस्टल से हत्या कर पुलिस को जहां खुली चुनौती दी है वहीं शांतप्रिय माने जाने वाले दरभंगा जिला वासियसों में दहशत पैदा करने की भी कोशिश की है. दरभंगा जिला के लिए इस तरह की यह पहली वारदात है. जिसमेें अपराधियों ने एके 47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया हो. इस घटना के बाद से पुलिस भी सकते में है. सबसे बड़ी बात यह है कि कुछ दिन पहले ही शिवहर समाहरण से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर जिस तरह एके 47 से निर्माण कंपनी के सुपरवाईजर की हत्या कर दी गयी थी ठीस उसी प्रकार बहेड़ी के भी शिवराम में दो इंजीनियरों को ताबड़तोड़ गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया.हस्तलिखित पर्चा से मुकेश पाठक का नामबड़े बड़े ठेकेदारों, निर्माण कंपनी से जुड़े लोगों से करोड़ों में रंगदारी की मांग करने वाला उत्तर बिहार का मोस्ट वांटेंड अपराधी मुके श पाठक का नाम इस घटना में सामने आ रहा है. घटनास्थल पर अपराधियों के द्वारा छोड़े गये हस्तलिखित पर्चा में मुकेश पाठक एवं बिहार लिबरेशन पीपुल्स आर्मी लिखा हुआ है. उससे यह साफ होता है कि इस घटना में भी उसी शातिर मुकेश या उसके गुर्गे का हाथ है. शिवहर की घटना में भी मुकेश पाठक की ही संलिप्पता बतायी जाती है. पर्चा में फिल्मी अंदाज में यह भी लिखा गया है कि -हमसे छुप के तुम कहां जाओगे, जहां जाओगे मुझे पाओगे’ यह शब्द कहीं न कहीं इस बात को इंगित करता है कि वह पहले से ही इस कंपनी के पीछे पड़ा हुआ है. लेबी के लिए वह पहले से इस कंपनी से मांग करता आ रहा है. 10 साल से बिहार में काम रही बीएससी एंड सीएनसी कंपनी सड़क निर्माण की जुड़ी कंपनी बीएससी एंड सीएनसी पिछले दस सालों से बिहार के विभिन्न जिलों में काम कर रही है. खूद सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर देवेश राठौर बताते हैं कि उनका कई जिलों में काम चल रहा है. एनएच 57 का काम भी उनकी ही कंपनी ने कराया था. वरुणा से रसियारी तक पिछले दो साल से काम चल रहा है. दो पार्ट में बांटकर इस कार्य को किया जा रहा है. दो दो इंजीनियर की हत्या की जानकारी मिलते ही कंपनी के चीएफ प्रोजेक्ट मैनेजर अशोक कुमार ने सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर श्री राठौर से पल पल की जानकारी लेतेे रहे.दो माह से मांगी जा रही थी कंपनी से रंगदारीइस कंपनी से रंगदारी की मांग पिछले दो माह से की जा रही थी. एक सप्ताह पहले तो अंजाम भुगतने की चेतावनी तक दे दी गयी. बावजूद इसको लेकर न तो कंपनी ने गंभीरता दिखायी और न हीं प्रशासन ने. अपराधियों से रंगदारी मांगे जाने की बाबत पूछे जाने पर सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर ने हल्के अंदाज में कहा कि काम के दौरान जगह जगह जमीन को लेकर काम रोकने की घटना तो सामने आते ही रहती है. उन्होंने रंगदारी मांगे जाने की बात तो स्वीकार की परंतु यह नहीं बताया कि कितनी राशि की मांग किसने कब की. हालांकि वे कहते हैं कि वे अपने आदमी के माध्यम से संवाद भिजवा रहा था. हालांकि नाम बताने की बात को टालते रहे. सूत्रों की मानें तो 20 करोड़ रुपये की मांग इस कंपनी से की गयी थी. साथ ही यह भी धमकी दिया गया था कि यदि नहीं दिया जायेगा तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें.पिछले एक सप्ताह से कंपनी के अधिकारी थे सशंकितअपराधियों के द्वारा रंगदारी मांगे जाने की घटना के बाद से कंपनी के अधिकारी सकते में थे. वे सब अनहोनी की घटना को लेकर भी सशंकित थे. इसका उदाहरण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शिव बचन सिंह का एक सप्ताह पूर्व नौकरी छोड़ देना है. वे इतने भयभीत थे कि उन्होंने कंपनी से त्याग पत्र दे दिया और चलते बने. इस बात को प्लांट में कार्यरत उनके सहकर्मी स्वीकार करते हैं. इस घटना के बाद से तो कंपनी के अधिकारी एवं कर्मी और भी दहशत में आ गये हैं. वे मायूस हैं. चेहरे पर उदासी है.
दरभंगा में भी गरजी अपराधियों की बंदुकें
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