बिना गुरु का ज्ञान प्राप्त करना संभव नहीं : विद्यानंद फोटो :34,35,36परिचय : वार्षिक भंडारा में शामिल श्रद्धालु, गणमान्य लोग, प्रवचन करते संत. सिंहवाड़ा. भरवारा कबीर आश्रम मे वार्षिक भंडारा के अंतिम दिन प्रवचन के दौरान प्रवचनकर्ता विद्यानन्द दास ने कहा कि गुरु के बिना गोविन्द कहां. उन्हाेंने कबीर दास के दोहे गुरु गोविन्द दोनो खड़े काको लागुं पांव बलिहारी गुरु आपनो जो गोविन्द दियो बताये का उल्लेख करते हुए कहा कि बिना गुरु का ज्ञान प्राप्त करना असंभव है. उन्हाेंने प्रथम गुरु माता पिता को बताया जो जन्म से लेकर बच्चो को इस संसार के सभी वस्तुओं से अवगत कराते हैं. इसलिये माता पिता की सेवा एवं गुरु का सम्मान जो मानव अपने जीवन में नही किया, समझिये उस मानव का जीवन व्यर्थ है. वही गुरु शब्द पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु शब्द अपने आप में बड़ा ही व्यापक है. यही गुरु अंधकार रूपी संसार से निकाल कर प्रकाश रूपी संसार में लाकर हमें परमात्मा से साक्षात्कार कराते हैं. गुरु के सेवा आदर सम्मान देकर ही हम परमानन्द को प्राप्त कर सकते हैं. जिन्हें सही गुरु मिल गया, समझिये उनका परमात्मा से मिलन तय है. वही मौके पर विधायक जीवेश कुमार, डीसीएलआर प्रियरंजन राजु, मुखिया शंभु ठाकुर, स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष शंभू स्वर्णकार, सीओ स्वयंभर झा, हरिनाम सहजानन्द , किसलय कुमार, जयनारायण भगत, रामबाबु कुशवाहा, मिथलेश यादव आदि उपस्थित थे.
बिना गुरु का ज्ञान प्राप्त करना संभव नहीं : वद्यिानंद
बिना गुरु का ज्ञान प्राप्त करना संभव नहीं : विद्यानंद फोटो :34,35,36परिचय : वार्षिक भंडारा में शामिल श्रद्धालु, गणमान्य लोग, प्रवचन करते संत. सिंहवाड़ा. भरवारा कबीर आश्रम मे वार्षिक भंडारा के अंतिम दिन प्रवचन के दौरान प्रवचनकर्ता विद्यानन्द दास ने कहा कि गुरु के बिना गोविन्द कहां. उन्हाेंने कबीर दास के दोहे गुरु गोविन्द दोनो […]
