घटना के बाद दहशत में हैं गंगदह के लोग फोटो::::परिचय : वर्ष 1999 में हुई थी गंगदह शिवराम के मुखिया की हत्या वर्ष 1998 में 2 दिसंबर को योगेन्द्र यादव की भी गोली मार कर दी थी हत्यातत्कालीन एसपी शोभा अहोतकर ने एमसीसी की संलिप्पता की कही थी बात बहेड़ी. थाना क्षेत्र के गंगदह प्रावि के पास सड़क निर्माण एजेंसी के दो इंजिनियरों की दिन दहाड़े हुई हत्या को लेकर लोग भयभीत हैं. शांतिप्रिय इस थाना क्षेत्र में इसके पहले चार दिसंबर 1999 को ठीक इसी समय में एमसीसी ने गंगदह शिवराम पंचायत के मुखिया कुमार कल्याण झा की हत्या कर दी थी. श्री झा उस समय घर से कुछ दूर खेत में गेहूं का पटवन करवा रहे थे. अपराधकर्मियों ने इसी अंदाज में उनकी हत्या कर नारा लगाते हुए पांव पैदल चल दिये थे. इस हत्या कांड में मनोज लाल देव, ललित साह, दिनेश लाल देव, दुलार चंद्र सहनी सहित अन्य को नामजद किया गया, लेकिन कोर्ट में गवाह के मुकर जाने के कारण कथित अभियुक्त बाइज्जत रिहा हो गये. इसके पहले 2 दिसंबर 1998 को शिवराम गांव में ही देर रात योगेन्द्र यादव की गोली मार कर हत्या कर दी गयी. यहीं से एमसीसी का पर्दापण हुआ. लेकिन उन दिनों स्थानीय पुलिस इसे मानने के लिए तैयार नहीं थी. मौके पर पहुंची तत्कालीन एसपी शोभा अहोतकर ने पत्रकारों के सामने स्वीकार किया की श्री झा की हत्या में एमसीसी की संलिप्ता से इंकार नहीं किया जा सकता. बाद में एमसीसी के प्रभाव में आये शिवराम सहित अन्य गांव के लोगों ने पुलिस के समक्ष आत्मसर्पण कर मुख्य धारा से जुड़ गये. जिसमें संजय लाल देव की पत्नी मुन्नी देवी अभी यहां की प्रखंड प्रमुख हैं. लहेरियासराय हाउसिंग कॉलोनी से हिरासत में लिये गये 9 लोग पुलिस ने लहेरियासराय हाउसिंग कोलनी में छापामारी कर जिन नौ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, उसी जगह प्रमुख मुन्नी देवी का भी मकान है. इसी मकान के सामने भंगही रमौली के अंजनी यादव के मकान से कई अपराधकर्मियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. सड़क निर्माण एजेंसी के रुपेश कुमार के बयान पर पुलिस केस दर्ज कर रही है. इस बीच खबर है कि दोनों मृत इंजीनियरों का पोस्टमार्टम करा लिया गया है. कम्पनी के डीपीएम के अनुसार उनके परिजनों के आने के बाद दोनों का शव उनके पैतृक गांव भेज दिया जायेगा. छठ से पहले ही मांगी थी रंगदारी ?वरुणा पुल से रसियारी पुल तक 120 किमी लंबी बन रही एसएच 88 का निर्माण कार्य इस घटना को लेकर प्रभावित हो गया. क्योंकि निर्माण कार्य से जुड़े कर्मी सहित स्थानीय लोग भी दहशत में आ गये हैं. हालांकि घटना के बाद घटना स्थल पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है, लेकिन कंपनी के प्रोजेक्ट मैनैजर से कथित रंगदारी की मांग के बाद अगर पुलिस सक्रिय हो जाती तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था. छठ से पहले ही रंगदारी मांगने की बात सामने आयी थी. पीएम श्री सिंह ने एसडीपीओ को इसकी सूचना दे दी. जिसके बाद दो दिन पहले बेस कैम्प पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया. इसलिए अपराधी कैम्प में नहीं घुस कर साइड पर दो इंजीनियरों को एके 47 एवं कारबाइन से भून डाला.
घटना के बाद दहशत में हैं गंगदह के लोग
घटना के बाद दहशत में हैं गंगदह के लोग फोटो::::परिचय : वर्ष 1999 में हुई थी गंगदह शिवराम के मुखिया की हत्या वर्ष 1998 में 2 दिसंबर को योगेन्द्र यादव की भी गोली मार कर दी थी हत्यातत्कालीन एसपी शोभा अहोतकर ने एमसीसी की संलिप्पता की कही थी बात बहेड़ी. थाना क्षेत्र के गंगदह प्रावि […]
