वाट्सएप्प पर रातभर चला मुशायरा देश विदेश के कई शायरों ने पेश की शायरी अलीनगर. ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बज्मे गज़ल की ओर से घोषित अंतर्राष्ट्रीय नातिया मुशायरा गत 24 दिसंबर की रात निर्धारित समय 9:30 बजे से शुरू होकर चार घंटे तक वाट्सएप पर पूरे संजीदगी व अकीदत के माहौल में चला. यह सातवां वाट्सएप के बज़्मे गज़ल ग्रुप का अंतरराष्ट्रीय मुशायरा था, जिसमे सऊदी अरब और दोहा कतर से भी कई शायरों ने अपनी रचना के साथ लोगों के तरोताजा किया. दरभंगा जिला ने भी अपनी उपस्थिति का एहसास करवाया. मुशायरा की अध्यक्षता डॉक्टर शहाब ज़फर आज़मी कर रहे थे जबकि मंच संचालन जहांगीर नायाब एवं आमिर नज़र ने संयुक्त रूप से की. इनआम आज़मी कानबी मुख्तारे कुल ठहरे हबीबे दो जहां ठहरे, उन्हें अपनी तरह कहते हो बोलो तुम कहां ठहरे. दोहा कतर से इफ्तेखार रागिब का फि रदौस को भी रश्क है तैबा के बख्त पर क्यों कर न हो कि शाह मदीना हुज़ूर है. सऊदी से नूर फातिमा का सर अकीदत से मदीने में झुकाने आए,हाले दिल हम तो मुहम्मद को सुनाने आये. डॉ आरती का कड़ी है धूप हमें सायबान दे मौला,सरों पे चादरे रहमत भी तानदे मौला. डॉ अब्दुल मन्नान तरज़ी का माताएं चश्म मुश्ताकां तेरे रौज़े की जाली है,मेरी तस्कीन का सामां तेरे रौज़े की जाली है एवं कामरान गनी सबा के नातेपाक का शेर हमको नाते नबी का सलीका कहां,बस शफाअत का एक वास्ता चाहिये, काफी पसंद किया गया. जिस पर ऑनलाइन दर्शक और शोराए कराम ने दाद दिया. अन्य शोराए कराम में बिहार गीत के खालिक एम आर चिश्ती ,नसर बलखी, डॉ मंसूर खुशतर,मरगूब असर फातमी , सुभाष पाठक ज़्या,असगर शमीम,प्रो. ए एच सुब्हानी, कतर से अहमद अशफाक एवं रहबर गयावी सहित कई शोराए कराम की प्रस्तुति काफी पसंद की गयी. अध्यक्ष की अनुमति से रात के 1:30 बजे अर्थात दूसरी तिथि में पहुंच कर दरूदो सलाम के साथ मुशायरा का समापन हुआ. दर्शकों में भी सैकड़ों साहित्य व नातिया मुशायरा के प्रेमी शामिल थे.
वाट्सएप्प पर रातभर चला मुशायरा
वाट्सएप्प पर रातभर चला मुशायरा देश विदेश के कई शायरों ने पेश की शायरी अलीनगर. ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बज्मे गज़ल की ओर से घोषित अंतर्राष्ट्रीय नातिया मुशायरा गत 24 दिसंबर की रात निर्धारित समय 9:30 बजे से शुरू होकर चार घंटे तक वाट्सएप पर पूरे संजीदगी व अकीदत के माहौल में चला. यह […]
