जिप के पूर्व अध्यक्ष की लंबी छलांग व वर्तमान की कतिपय परेशानी के बीच बीता साल

जिप के पूर्व अध्यक्ष की लंबी छलांग व वर्तमान की कतिपय परेशानी के बीच बीता साल जिला परिषद का सफरनामा फोटो संख्या- 24परिचय- जिला परिषद का मुख्य गेट. दरभंगा. जिला परिषद के पूर्व व वर्तमान अध्यक्षों का वर्ष 2015 ने जमकर परीक्षा ली. इस परीक्षा में पूर्व जिप अध्यक्ष मदन सहनी ने लंबी छलांग लगायी […]

जिप के पूर्व अध्यक्ष की लंबी छलांग व वर्तमान की कतिपय परेशानी के बीच बीता साल जिला परिषद का सफरनामा फोटो संख्या- 24परिचय- जिला परिषद का मुख्य गेट. दरभंगा. जिला परिषद के पूर्व व वर्तमान अध्यक्षों का वर्ष 2015 ने जमकर परीक्षा ली. इस परीक्षा में पूर्व जिप अध्यक्ष मदन सहनी ने लंबी छलांग लगायी और मंत्री पद तक पहुंच गये. वहीं वर्तमान अध्यक्ष अपने सहयोगी पार्षदों से तालमेल की कमी एवं स्वास्थ्य कारणों से लगातार इसी उधेड़बुन में पड़े रहे. इस दौरान उन्हें अविश्वास प्रस्ताव के अभ्यावेदन का भी सामना करना पड़ा. चर्चा में रहा बैठक नहीं बुलाने की बातयूं तो जिला परिषद अध्यक्ष भोला सहनी के लिए वर्ष 2015 ठीक नहीं बीता. उनको हृदयाघात होना, फिर महीनों बाद उनसे उबरने के बाद विधानसभा का टिकट नहीं मिलना, उनपर जिप सदस्यों का अवश्विास जताना आदि. बावजूद हर झंझावात को झेलकर उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के लिए विशेष बैठक नहीं बुलाने की दिशा में गेंद डीएम के पाले डालकर बखूबी आसन्न मुश्किल को टाल दिया. विधानसभा में पार्टी से टिकट नहीं देने पर भी पूरे मन से पार्टी के प्रत्याशी को पूरा सहयोग करते हुए एक तीर से दो निशाना साधा. पार्टी को बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र से जीत दिलाने में भूमिका निभायी और परिषद में अपने विरोधियों को मनाने में भी सफल हुए. लगातार प्रयासों के बावजूद अविश्वास पर बहस के लिए उन्होंने बैठक नहीं बुलायी. चालू वर्ष में मात्र दो बैठकें हुईसामान्यतया जिला परिषद की कम से कम चार सामान्य बैठक करनी है. लेकिन वर्ष 2015 में ऐसी परिस्थतियां बनी कि मात्र दो बैठकें ही बुलायी जा सकी. पहली बैठक वर्ष के 28 फरवरी को जिप अध्यक्ष भोला सहनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई. जबकि दूसरी बैठक जिप उपाध्यक्ष विनय कुमार झा की अध्यक्षता में 9 मई को संपन्न हुई. इस दौरान जिप अध्यक्ष हृदयाघात से पीड़ित हो अस्पताल में भर्ती थे. अगले वर्ष में विदाई बैठक होने के आसारजिला परिषद की बैठक अब इस वर्ष नहीं हो सकेगा. पंचायत चुनाव की आहट शुरू होने से परिषद सदस्यों की बैठक पर ग्रहण लगता दिख रहा है. बैठक आयोजित नहीं किये जाने से सदस्यों में तरह-तरह की चर्चा हो रही है. इसके इतर हकीकत यह है कि चालू वर्ष में परिषद की बैठक मात्र दो बार ही हो सकी है, जबकि सदस्यों ने विधानसभा चुनाव के पूर्व बैठक आयोजित करने को लेकर पत्र अध्यक्ष को सौंपा था. लेकिन बैठक की तिथियां घोषित न हो सकी. दिसंबर माह में बैठक को लेकर जब बात बढ़ी तो उस पर भी ग्रहण लग गया है. इधर हलकों में यह चर्चा गरम है कि जिप अध्यक्ष भोला सहनी पर सदस्यों द्वारा लगाये गये अविश्वास प्रस्ताव की वजह से ही बैठक की तिथियां तय नहीं हो सकी है. संभव हुआ तो नये वर्ष के जनवरी माह के अंत में अथवा फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में बैठक बुलायी जा सकती है. अगर ऐसा हुआ तो यह जिप सदस्यों के लिए विदाई बैठक होगा. अप्रैल-मई माह में होंगे पंचायत चुनावपंचायत आम चुनाव अगले वर्ष अप्रैल-मई माह में कराये जाने की घोषणा की गयी है. इसको लेकर सभी सदस्य बस अपने-अपने क्षेत्र के आरक्षण बदलने से सशंकित है. दिन-रात उनकी चिंता में लगे रहकर आरक्षण रोस्टर बदलने के बाद की स्थिति में क्या रणनीति होगी, इसपर चर्चा हो रही है. ज्ञात होकि अगर आरक्षण रोस्टर बदला तो कई सीटों का स्वरूप बदल जायेगा और दिग्गजों को भी परेशानी हो सकती है, तो कईयों की बन आयेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >