दरभंगा : जो किसान अपने खेतों में मखाना की खेती करना चाहते हैं, वे अपने नर्सरी में पौध तैयार करने के लिए बीज डालें. दिसंबर महीना का अंतिम सप्ताह एवं जनवरी का प्रथम सप्ताह इसके लिए काफी उपयुक्त है. मखाना का बीज स्वर्ण वैदेही जो उन्नत प्रजाति का है, वह उपलब्ध है. किसान मखाना का बीज रिसर्च सेंटर से प्राप्त कर सकते हैं.
नर्सरी में मखाने का पौध तैयार करने को डालें बीज
दरभंगा : जो किसान अपने खेतों में मखाना की खेती करना चाहते हैं, वे अपने नर्सरी में पौध तैयार करने के लिए बीज डालें. दिसंबर महीना का अंतिम सप्ताह एवं जनवरी का प्रथम सप्ताह इसके लिए काफी उपयुक्त है. मखाना का बीज स्वर्ण वैदेही जो उन्नत प्रजाति का है, वह उपलब्ध है. किसान मखाना का […]

मखाना अनुसंधान केन्द्र दरभंगा के अध्यक्ष डा. राजीव शर्मा ने बताया कि मार्च के अंतिम और अप्रैल के शुरुआत में मखाना की खेती शुरू होती है. इसके लिए दिसंबर के अंतिम सप्ताह से लेकर जनवरी के प्रथम सप्ताह तक किसान नर्सरी में पौध तैयार करने के लिए बीज गिरा सकते हैं. अभी बीज गिराने से समय पर पौधा तैयार हो जायेगा.
उन्होंने बताया कि किसान चाहे तो सरसों को काटकर उंचे खेतों में दो फीट पानी डालकर भी मखाना की खेती कर सकते हैं. तालाब में मखाना की खेती करना चाहते हैं तो बीज को तालाब के अंदर छिड़काव कर दें. डा. राजीव शर्मा ने बताया कि जनवरी माह के दूसरे सप्ताह से बीजों में अंकुरण शुरू हो जाता है इसलिए उस समय नर्सरी में पौध लगाने के लिए बीज डालना उचित नहीं होगा.
बीज की उपलब्धता के सवाल पर उन्होंने कहा कि मखाना की उन्नत प्रभेद स्वर्ण वैदेही मखाना अनुसंधान केन्द्र पर उपलब्ध है. जो किसान बीज लेना चाहें वे सौ रुपये प्रति किलो के हिसाब से बीज की खरीद कर सकते हैं. मखाना की खेती करने वाले किसानों को खेती के बारे में जानकारी भी मुहैया कराने की व्यवस्था है, जिससे वे सुगम तरीके से इसकी खेती कर सकें.
बता दें कि दरभंगा,मधुबनी समेत आसपास के जिलों में काफी संख्या में मखाना की खेती होती है. किसानों के द्वारा बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन भी किया जाता है.
उत्पादित मखाना राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ साथ देश के भी कई राज्यों में भेजे जाते हैं, जिससे उन्हें उपज की अच्छी कीमत मिल पाती है.