जीवाणु खाद की उपयोगिता पर बताये गये गुर जाले : स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र में गुरुवार को चल रहे प्रशिक्षण के चौथे दिन मृदा वैज्ञानिक डा़ आनंद प्रसाद राकेश ने उपस्थित महिला प्रशिक्षुकों को जीवाणु खाद की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रकृति में अनेक तरह के लाभदायक जीवाणु मौजूद रहते हैं किन्तु खेती में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशी के प्रयोग से ये जीवाणु नष्ट हो जाते हैं. अत: इन जीवाणुओं की संख्या बढ़ाना कम लागत एवं स्वस्थ खेती के लिए आवश्यक है़ ये जीवाणु हवा से नेत्रजन लेकर पौधों को उपलब्ध कराते हैं. उन्होने उसका नाम बताते हुए कहा कि जैसे- राइजोवियम, एजोटोवैक्टर, एजोस्पाइरिलम, अजोला तथा भूमि में मौजूद अघुलनशील फास्फोरस आदि पौधों को नेत्रजन उपलब्ध कराते हैं. पीएसबी, वैम तथा कई अन्य तरह के कार्य करते हैं. उन्होंने बताया कि जीवाणु खाद के प्रयोग से उत्पादन में 10 से 25 प्रतिशत की वृद्धि पाई गई है़ इसके द्वारा बीज उपचार, जड़ उपचार तथा मृदा उपचार किया जा सकता है़
जीवाणु खाद की उपयोगिता पर बताये गये गुर
जीवाणु खाद की उपयोगिता पर बताये गये गुर जाले : स्थानीय कृषि विज्ञान केन्द्र में गुरुवार को चल रहे प्रशिक्षण के चौथे दिन मृदा वैज्ञानिक डा़ आनंद प्रसाद राकेश ने उपस्थित महिला प्रशिक्षुकों को जीवाणु खाद की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रकृति में अनेक तरह के लाभदायक जीवाणु मौजूद रहते हैं किन्तु […]
