मधेशियों के अधिकार को छीन रही नेपाल सरकार मधेश आंदोलन व मानवाधिकार विषय संगोष्ठी में बोले वक्ता दरभंगा. नये संविधान की आड़ में नेपाल सरकार मधेशियों के अधिकारों को छीन रही है. यह सरासर मानवाधिकार का हनन है. किसी भी देश के नागरिकों को रंग, भाषा आदि के नाम पर अधिकारों से महरूम नहीं किया जा सकता है. विदेशी ताकतों के इशारे पर नेपाल में तराई-पहाड़ी के नाम पर वर्षों से नेपाल की नागरिकता प्राप्त मधेशियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है. आंदोलनरत मधेशियों पर लाठी-गोली बरसाये जा रहे हैं. नेपाल के स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, बैंक आदि बंद पड़े हैं और नेपाल सरकार इस स्थिति के लिए भारत को बदनाम कर रही है. उक्त बातें स्वयंसेवी संस्था डॉ प्रभात दास फाउंडेशन के द्वारा विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर गुरुवार को मधेश आंदोलन और मानवाधिकार विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व विधन पार्षद डॉ. विनोद चौधरी ने कही. फाउंडेशन के केएम टैंक, फुलवाड़ी लहेरियासराय स्थित कार्यालय परिसर में आयोजित संगोष्ठी में बीज भाषण देते हुए लनामिविवि दरभंगा के राजनीतिक शास्त्र के प्रो़ डॉ जितेन्द्र नारायण ने कहा कि विश्व के हर देश में मानवाधिकार का हनन हो रहा है. कहीं आतंकवाद के कारण मानवता झुलस रही है तो कही जाति, धर्म, गोरे-काले के कारण मानवों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है. डॉ जितेंद्र नारायण ने कहा कि आज अगर तराई के मधेशियों को नेपाल का नागरिक नहीं समझा जा रहा है और पहाड़ के लोगों को ज्यादा अधिकार दिया जा रहा है तो इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सत्ता में बैठे लोगों को यह भय है कि कहीं उनके हाथों से सत्ता की डोर न छूट जाये. संगोष्ठी की अध्यक्षता वार्ड पार्षद आशुतोष कुमार ने की जबकि संचालन फाउण्डेशन के राज्य समन्वयक मुकेश कुमार झा ने किया. वहीं अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन बाल कल्याण समिति के सदस्य अजीत कुमार मिश्रा ने किया. संगोष्ठी में मारवाड़ी कॉलेज के एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ अवधेश प्रसाद यादव, आलोक कुमार ‘टिंकू’, आनंद अंकित, धर्मवीर कुमार, अभिषेक कुमार, हर्षवर्धन कुमार, नीतेश कुमार, सौरभ कुमार फाउण्डेशन के अनिल सिंह, राजकुमार गणेशन, रविन्द्र चौधरी, मनीष आनंद, मोहन साह आदि ने भी अपने विचारों को व्यक्त किया.
मधेशियों के अधिकार को छीन रही नेपाल सरकार
मधेशियों के अधिकार को छीन रही नेपाल सरकार मधेश आंदोलन व मानवाधिकार विषय संगोष्ठी में बोले वक्ता दरभंगा. नये संविधान की आड़ में नेपाल सरकार मधेशियों के अधिकारों को छीन रही है. यह सरासर मानवाधिकार का हनन है. किसी भी देश के नागरिकों को रंग, भाषा आदि के नाम पर अधिकारों से महरूम नहीं किया […]
