स्वास्थ्य व शक्षिा व्यवस्था प्राथमिकता : जीवेश

स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था प्राथमिकता : जीवेश फोटो::::36परिचय. बच्चों व शिक्षकों से बात करते विधायक जीवेश कुमार. एपीएचसी व स्कूलों का लिया जायजाकमतौल. स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हमारी प्राथमिकता है. शिक्षित और स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए जो भी आवश्यक होगा, कदम उठाये जायेंगे. कोताही बरदाश्त नहीं की जायेगी. […]

स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था प्राथमिकता : जीवेश फोटो::::36परिचय. बच्चों व शिक्षकों से बात करते विधायक जीवेश कुमार. एपीएचसी व स्कूलों का लिया जायजाकमतौल. स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार हमारी प्राथमिकता है. शिक्षित और स्वस्थ समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए जो भी आवश्यक होगा, कदम उठाये जायेंगे. कोताही बरदाश्त नहीं की जायेगी. चाहे वह किसी भी स्तर पर हो. क्षेत्र के चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था की दयनीय दशा से रूबरू होने के बाद गुरुवार को अहल्यास्थान में भाजपा विधायक जीवेश कुमार ने कही. अपने क्षेत्र भ्रमण के क्रम में विधायक सबसे पहले एपीएचसी कमतौल पहुंचे, वहां चिकित्सक एवं कर्मी तो मौजूद दिखे, लेकिन जीर्ण-शीर्ण अस्पताल भवन, दवाइयों का टोटा सहित कई कमी को देखकर वे बिफड़ पडे. कर्मियों से विभाग को लिखित जानकारी दिए जाने की फाइल मांगी. उपलब्ध नहीं करवाये जाने पर बदतर हालात के लिए सभी को जिम्मेवार बताया. अंत में विधायक एपीएचसी अहल्यास्थान पहुंचे. वहां भवन की स्थिति देख उनके चेहरे पर मुस्कुराहट के भाव उभरने ही वाले थे की अस्पताल में चिकित्सकों और दवाओं की कमी, प्रसव सुविधा की कोई व्यवस्था नहीं होने जानकारी मिलते ही भौंचक नजर आने लगे.इससे पहले विधायक +2 आरएस कन्या उच्च विद्यालय और +2 जेएम उच्च विद्यालय कमतौल भी गये. जहां शिक्षण संस्थानों की जीर्ण-शीर्ण स्थिति देख भौचक नजर आये. शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे गिरावट पर चिंता जतायी. संसाधनों की कमी के बावजूद नामांकन और रिजल्ट देने की खानापूरी किये जाने को लेकर जहां विभागीय उदासीनता की चर्चा की, वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी गुणवत्ता में सुधार की नसीहत दिया. दोनों उवि में प्रबंध समिति की बैठक कर पारदर्शिता के साथ विद्यालय में विकास कोष से अतिआवश्यक संसाधनों की कमी को पूरा करने का निर्देश दिया. वहीं प्रभारी शिक्षकों को कार्यशैली में बदलाव कर उपलब्ध संसाधनों में नियमित वर्ग संचालन करने, अभिभावक-शिक्षक मीटिंग करने का सुझाव दिया.कन्या उवि में कड़ाके की ठंड में तिरपाल पर छात्राओं को बैठे देख विधायक ने प्रभारी हुसैन अहमद से सवाल किया कि क्या आप अपनी बच्ची को इस तरह बैठाना पसंद करेंगे ? जवाब में नहीं सुनते ही विधायक ने कहा कि विद्यालय विकास कोष की राशि किसलिए होती है. 25 लाख कोष में पड़ा होने के बावजूद बच्चियां तिरपाल पर बैठी हैं. वहीं आप गद्देदार कुर्सी पर बैठते हैं. बताइये आखिर विद्यालय विकास कोष में राशि रखने का क्या औचित्य है ? इसके बाद विधायक जेएम उवि में प्रभारी प्रभुनाथ लाल कर्ण के पास पहुंच गये. जहां बिना छुट्टी मंजूर किया हुआ आवेदन रजिस्टर में देख कार्यशैली में बदलाव का सुझाव दिया.

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