पेज तीन की लीड :::::क्या बतायें, कब आयेगी ट्रेन किसी को मालूम नहीं

पेज तीन की लीड :::::क्या बतायें, कब आयेगी ट्रेन किसी को मालूम नहीं फोटो::::::::28,29परिचय : स्टेशन पर ट्रेनों की प्रतीक्षा में करते यात्री, चेहरे पर छायी मायूसी ट्रेन की प्रतीक्षा में स्टेशन पर परिवार के साथ प्रतीक्षा करते रहे यात्री इंक्वायरी से मिल रही थी सूचना, घंटों विलंब से चल रही स्वतंत्रता सेनानी दरभंगा . […]

पेज तीन की लीड :::::क्या बतायें, कब आयेगी ट्रेन किसी को मालूम नहीं फोटो::::::::28,29परिचय : स्टेशन पर ट्रेनों की प्रतीक्षा में करते यात्री, चेहरे पर छायी मायूसी ट्रेन की प्रतीक्षा में स्टेशन पर परिवार के साथ प्रतीक्षा करते रहे यात्री इंक्वायरी से मिल रही थी सूचना, घंटों विलंब से चल रही स्वतंत्रता सेनानी दरभंगा . दिल्ली जाना था. सुबह से ही तैयार होकर दरभंगा पहुंच गये. पत्नी एवं बच्चे भी साथ हैं. यहां आने पर पता चला कि ट्रेन अनिश्चितकालीन विलंब से चल रही है. अब पता नहीं, कब आयेगी ट्रेन. बगल में घर है नहीं जो चले जायें. ट्रेन की सूचना मिलने पर चले आयें. यह कहना था कि बिरौल के अशोक कुमार का. वे दिल्ली जाने के लिए करीब बारह बजे ही दरभंगा स्टेशन पर पहुंच गये थे. करीब चार बजे दरभंगा से यह ट्रेन खुलती पर इंक्वायरी से पता चला कि वह ट्रेन दिल्ली से आयी ही नहीं है, तो जयनगर से कैसे चलेगी. जोगियारा के रहने वाले इम्त्यिाज खां का भी कुछ यही दुखरा था. मन उदास था. प्लेटफॉर्म पर बैठकर ट्रेन की प्रतीक्षा करना कितना कठिन होता है, इसको बखूबी समझा जा सकता है. इधर-उधर टहल कर वह स मय काट रहे थे. पूछने पर बताया कि पहले से पता होता कि अनिश्चितकालीन विलंब है तो टिकट कैंसिल करवा लेते. झंझारपुर निवासी रमेश कुमार की भी कुछ यह परेशानी थे. उनके साथ बच्चे भी थे. वे कहते हैं कि बच्चे तो यहां पर बैठे बैठे बोर हो गये हैं. समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें. बता दें कि जयनगर से दिल्ली जाने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, जयनगर से लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक जाने वाली एक्सप्रेस काफी विलंब से चल रही है. काफी संख्या में लोग दिल्ली एवं मुम्बई जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए आये हुए थे. एक तो ठंड उपर से प्लेटफार्म पर रात गुजारना काफी कठिन हो रहा था. भोजन पानी की भी सता रही थी चिंतादिल्ली एवं मुम्बई के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को भोजन पानी की भी चिंता सता रही थी. उन्हें तीन टाईम भोजन की अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ेगी. खासकर घर से जो खाना बनाकर लाये हुए थे, उनका खाना तो दिन में रात में ही खत्म हो गया. अब सुबह में गाड़ी आयेगी तो कम से कम चौबीस घंटे में ट्रेन दिल्ली पहुंचेगी. यह भी कहना मुश्किल है. कोहरे के कारण ट्रेनें काफी विलंब से चल रही है. बच्चों के साथ गुजारनी होगी रात घने कोहरे के साथ पड़ रहे ठंड में दिल्ली जाने वाली यात्रियों को अपने परिवार एवं बच्चों के साथ रात गुजारनी पड़ेगी. करें भी क्या. कोई विकल्प नहीं है. ट्रेन के मंगलवार की अहले सुबह आने की सूचना है. ऐसे में घर से जाकर उतना सवेरे आना भी मुश्किल है. ऐसे में दूर दराज से आये यात्रियों को मजबूरीवश स्टेशन पर ही सारी रात गुजारनी होगी.इधर, स्टेशन पर इतने सारे यात्रियों के काफी समय तक रहने के कारण आरपीएफ एवं जीआरपी की भी परेशानी बढ गयी है. उन्हें ज्यादा चौकन्ना रहना पड़ेगा. आरपीएफ एवं जीआरपी के द्वारा यात्रियों पर निगरानी रखी जा रही है. उनके सामान लेकर कोई उचक्का भाग न जाये, इस पर विशेष नजर रखा जा रहा है.

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