\\\\टं३३ी१त्र/ू/रभक्ति है मानव जीवन का परम ध्येय \\\\टं३३ी१त्र/रदरभंगा : श्रीमद्भागवत सप्ताह यज्ञ के प्रथम दिन कोलकाता से आये आचार्य वेदानंद शास्त्री ने कहा कि मानव जीवन का परम ध्येय भक्ति है. संसार मे ंतीन दुर्लभ चीजें हैं जिसमे मानव जीवन, संतों का संग एवं भगवती कथा शामिल है. उन्होने श्रीमद्भागवत को भगवान का प्रत्यक्ष वांङमय स्वरुप बताते हुए कहा कि इसका पाठ सर्वकल्याणमय एवं शुभ फलदायी होता है. इसके पाठ से सर्वपापों का अंत होता है. उन्होंने कहा कि मानव जीवन सदा से शुभ आचरण और भगवान भक्ति के लिए ही जाना जाता है. पुत्र होना सौभाग्य नहीं बल्कि सतपात्र होना श्रेयस्कर होता है. कथा प्रसंग के दौरान मधुर संगीतमय और भजन से श्रोता मंत्रमुग्ध हो झुमते रहे. इसका आयोजन बीएमपी 13 के निकट कबीर चक आदर्श नगर कॉलोनी में किया गया है.
\\\\टं३३ी१त्र/ू/रभक्ति है मानव जीवन का परम ध्येय
\\\\टं३३ी१त्र/ू/रभक्ति है मानव जीवन का परम ध्येय \\\\टं३३ी१त्र/रदरभंगा : श्रीमद्भागवत सप्ताह यज्ञ के प्रथम दिन कोलकाता से आये आचार्य वेदानंद शास्त्री ने कहा कि मानव जीवन का परम ध्येय भक्ति है. संसार मे ंतीन दुर्लभ चीजें हैं जिसमे मानव जीवन, संतों का संग एवं भगवती कथा शामिल है. उन्होने श्रीमद्भागवत को भगवान का प्रत्यक्ष वांङमय […]
