एचएम पद पर प्रोन्नत शिक्षकों को मिला पदस्थापन का न्यायादेश \\\\टं३३ी१त्र/रकल से डीइओ कार्यालय पर बेमियादी अनशन हाइकोर्ट के आदेश को अविलंब अनुपालन करने की मांग मध्य विद्यालयों में 430 एचएम पद पर पदस्थापन का मामला दरभंगा : मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति के बाद पदस्थापन में हो रही देरी को लेकर शिक्षकों में आक्रोश पनप रहा है. जहां एक ओर मिथिलांचल प्राथमिक शिक्षक कल्याण संघ के जिलासचिव कमलेश यादव ने 8 दिसंबर से बेमियादी धरना व अनशन का एलान कर रखा है, वहीं दूसरी ओर कुछ शिक्षक पटना उच्च न्यायालय के हाल के निर्णय पर अमल चाहते हैं. न्यायालय के आदेश की प्रति संलग्न करते हुए इसमें किसी प्रकार के अड़चन की बात नहीं करते हैं. जिस न्यायादेश में डीइओ व डीपीओ को पदस्थापन का अनुपालन करने को कहा है. इधर मिथिलांचल संघ के जिला सचिव श्री यादव का कहना है कि अब न्यायादेश भी प्राप्त है ऐसे में स्थापना कार्यालय की टाल-मटोल नीति नहीं चलेगी. उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि जबतक पदस्थापन का आदेश नहीं निकलेगा तबतक उनका धरना-अनशन जारी रहेगा. इस बाबत मिथिलांचल प्राथमिक शिक्षक कल्याण संघ की रविवार को बैठक आयोजित किया गया, जिसमें संघ के लोगों ने बेमियादी अनशन-धरना को जायज बतााय. बैठक में भरत लाल पोद्दार, अरूण कुमार झा, नागेंद्र प्रसाद राय, चंद्रदेव प्रसाद, विनेाद कुमार साहु, रविंद्र कुमार ठाकुर ने एक स्वर से पदस्थापन में स्थापना कार्यालय के टाल मटोल नीति का जमकर आलोचना किये. उनका कहना था कि पटना उच्च न्यायालय के 1 दिसंबर 15 के निर्णय में एससीएसटी के आरक्षण को लेकर किसी प्रकार के रोक नहीं रहने का स्पष्ट उल्लेख है. विभाग अकारण इसपर आगे की कार्रवाई नहीं कर रही है. जबकि शिक्षकों को गत वर्ष 5 फरवरी को प्रोन्नत करने का निर्णय लिया जा चुका है. इसमें मात्र पोस्टिंग की औपचारिकता बांकी है. ऐसे में अब संघ आदेश निकालने के बाद ही अपना आंदोलन समाप्त करने का संकल्प दुहराया.
एचएम पद पर प्रोन्नत शक्षिकों को मिला पदस्थापन का न्यायादेश
एचएम पद पर प्रोन्नत शिक्षकों को मिला पदस्थापन का न्यायादेश \\\\टं३३ी१त्र/रकल से डीइओ कार्यालय पर बेमियादी अनशन हाइकोर्ट के आदेश को अविलंब अनुपालन करने की मांग मध्य विद्यालयों में 430 एचएम पद पर पदस्थापन का मामला दरभंगा : मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति के बाद पदस्थापन में हो रही देरी को लेकर शिक्षकों […]
