\\\\टं३३ी१त्र/ू/रफर्श पर फटी दरी बिछा महकमा ने झाड़ा पल्ला \\\\टं३३ी१त्र/रबंध्याकरण करानेवाली महिलाओं को बेड तक मयस्सर नहींहनुमाननगर: स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मरीजों की सुविधा का कोई प्रबंध नहीं है. बस प्राथमिक उपचार करने भर की व्यवस्था महकमा की ओर से उपलब्ध है. वैसे तो तय मानक के अनुरूप यहां इलाज की भी मुकम्मल इंतजामात नहीं हैं, लेकिन किसी तरह इसकी खानापूरी की जाती है, लेकिन अगर किसी मरीज को स्वास्थ्य कें द्र में उपचार के लिए रुकना पड़ जाये तो उन्हें बेड तक मयस्सर नहीं हो पाती. इसकी झलक शनिवार को बंध्याकरण के लिए आयी महिलाओं की हालत देख मिली. उल्लेखनीय है कि शनिवार को यहां बंध्याकरण शिविर का आयोजन किया गया. इसमें पीएचसी के कार्यकारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा़ उदय शंकर प्रसाद की देख-रेख में केंद्र के सर्जन डा. मनोज कुमार गुप्ता ने कुल 19 मरीजों का बंध्याकरण ऑपरेशन किया. सहयोगाी के रूप में स्वास्थ्य प्रबंधक अरूण कुमार के साथ वहां की नर्स और आशा कार्यकर्त्ता उपस्थित थी. ऑपरेशन के बाद मरीजों को बेड के बदले बाह्य विभाग के फर्श पर फटी-चिटी दरी बिछाकर लिटाया दिया गया. वह तो कहिए उन मरीज के परिजनों का जिन्होंने अपने साथ ओढ़ने-बिछाने का सामान साथ लाए थे. नहीं तो ठंढ के इस मौसम में दूसरी परेशानी उन्हें चिकित्सक के पास पहुंचा देती. छतौना की रजिया देवी, डघरौल की सुनीता देवी, मारो की रीना देवी, गोढ़ियारी की रेखा देवी समेत अन्य मरीजों के परिजनों ने बताया कि हमलोगों को ओढ़ने-बिछाने के नाम पर पीएचसी की ओर से कोई सुविधा मुहैया नहीं करायी गयी है. अपने साथ लाये सामान से ही गुजारा कर रहे हंै.
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\\\\टं३३ी१त्र/ू/रफर्श पर फटी दरी बिछा महकमा ने झाड़ा पल्ला \\\\टं३३ी१त्र/रबंध्याकरण करानेवाली महिलाओं को बेड तक मयस्सर नहींहनुमाननगर: स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मरीजों की सुविधा का कोई प्रबंध नहीं है. बस प्राथमिक उपचार करने भर की व्यवस्था महकमा की ओर से उपलब्ध है. वैसे तो तय मानक के अनुरूप यहां इलाज की भी मुकम्मल इंतजामात […]
