ग्रामीण क्षेत्र में भ्रातृ द्वितीया कंपाइल………. \\\\टं३३ी१त्र/रफोटो- 20परिचय- भाई के हाथ की पूजा करती बहन बेनीपुर : भाई-बहन के स्नेह का पर्व भ्रातृ द्वितीया शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इसको लेकर सुबह से ही जहां पर आंगन की साफ सफाई व गाय के गोबर से निपाई करके अरिपन युक्त पिड़ही से गुलजार हो रहा था. वहीं सुबह से ही बहने अपने भाई के आगमन की प्रतीक्षा में बाट जोह रही थी. ऐसा माना जाता है कि इस मौके पर बहन अपने भाई के हाथ की पूजा कर उनकी दिर्घायु की कामना करती है. बहन अपने भाई के हाथ में चावल से बने पिठार व सिंदुर लगा, माथे पर चंदन का तिलक लगा पूजा करती है और मिठाइयां खिलाकर उनके खुशहाल जीवन की कामना करती है. इस मौके पर सुबह से ही भाई भी उत्साह पूर्वक बहन के घर पहुंचते दिखे. जिसको लेकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के चौक चौराहों पर भी काफी चहल पहल दिखा. वैसे देखा गया है कि सभी पर्वो को लेकर युवा एवं बच्चों में काफी उत्साह तो दिखता ही है लेकिन भ्रातृ स्नेह का पर्व भ्रातृ द्वितीया पर्व के अवसर पर वृद्धों का उत्साह भी किसी युवा से कम नहीं दिखा. जिंदगी के चौथापन में खड़े 87 वर्षीय सरोज देवी की भी आंखें सुबह से ही अपने वृद्ध भाई के आगमन को निहारती रही. दिन का आधा पहर ढल चुहा है. सरोज देवी निरास होते अपने आप कहती है, ‘ऐहि बेर हमर भाई नहि आयल’ इसी बीच उनकी पोती कहती है, हैया दादी अहांक भाई आबि गेला और सामने अपने भाई को खड़ा देख झूर्रीदार चेहरा खिल उठा तथा उत्साहित हो भाई के हस्तपूजन करते हुए अपने भाई के दीर्घायु के लिए मंत्र पढती है. ‘गंगा नोतलन्हि यमुना के हम नोतै छी भाई……. के साथ उनके दीर्घायु की कामना की.
ग्रामीण क्षेत्र में भ्रातृ द्वितीया कंपाइल..........
ग्रामीण क्षेत्र में भ्रातृ द्वितीया कंपाइल………. \\\\टं३३ी१त्र/रफोटो- 20परिचय- भाई के हाथ की पूजा करती बहन बेनीपुर : भाई-बहन के स्नेह का पर्व भ्रातृ द्वितीया शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इसको लेकर सुबह से ही जहां पर आंगन की साफ सफाई व गाय के गोबर से निपाई करके अरिपन युक्त पिड़ही […]
