जगह-जगह राजकिले की दरारें बनीं जानलेवा

दरभंगा : करीब 80 वर्ष पूर्व दरभंगा महाराज जब राजकिला का निर्माण करा रहे थे, उस समय इसके इर्द-गिर्द रहनेवाले अपने-आपको गौरवान्वित समझते थे. लेकिन वर्तमान में वहीं राजकिला इनलोगों के लिए दुर्घटना का सबब बन गया है. 1988 के भूकंप में ही राजकिला में जगह-जगह होरिजेंटल क्रेक हो गया था. जिला प्रशासन ने उसे […]

दरभंगा : करीब 80 वर्ष पूर्व दरभंगा महाराज जब राजकिला का निर्माण करा रहे थे, उस समय इसके इर्द-गिर्द रहनेवाले अपने-आपको गौरवान्वित समझते थे. लेकिन वर्तमान में वहीं राजकिला इनलोगों के लिए दुर्घटना का सबब बन गया है.
1988 के भूकंप में ही राजकिला में जगह-जगह होरिजेंटल क्रेक हो गया था. जिला प्रशासन ने उसे जनहित में खतरनाक घोषित कर इसे शीघ्र तोड़ने संबंधी अनुरोध पत्र राज्य सरकार को भेजा था. लेकिन 28 वर्ष बाद भी न तो उस क्षतिग्रस्त राजकिला की मरम्मत करायी गयी और न ही उसे तोड़ने की प्रक्रिया ही शुरू की गयी. ऐसी स्थिति में भाग्य भरोसे जीने को विवश हैं राजकिला के ईर्द-गिर्द रहनेवाले लोग.
तीन जगह गिरे राजकिला का गुंबद
शनिवार को भूकंप के दौरान करीब 50 फीट की ऊंचाई से राजकिला का पत्थर गिरने से अफरातफरी मच गयी. नाका नंबर 3 के निकट मुख्य सड़क पर किला के गुंबद का पत्थर गिरा. संयोग था कि उससे थोड़ी दूर उत्तर करीब दो दर्जन से अधिक लोग खड़े थे. पत्थर गिरते ही वहां भगदड़ मंच गयी.
इससे थोड़ी देर बाद ही झगरूआ मसजिद एवं मदरसा के निकट हसनचक-पॉलिटेक्निक चौक मुख्य सड़क पर भी किला का गुंबद टूटकर गिर गया. इसके कारण मुख्य सड़क पर यातायात अवरुद्ध हो गया. सूचना मिलने पर नगर आयुक्त महेंद्र कुमार, सहायक नगर अभियंता सउद आलम के साथ पहुंचे. उन्होंने जेसीबी मशीन मंगाकर मलबे को हटाकर यातायात चालू कराया.
बस स्टैंड से शहर में प्रवेश करनेवाले पथ में है क्षतिग्रस्त राजकिला
कादिराबाद बस स्टैंड से हसनचक तक जानेवाली सड़क के किनारे है क्षतिग्रस्त राजकिला. राजकिला के पूर्वी चहारदीवारी में भी जगह-जगह दरार है. इसके अलावा इस किला पर कई बड़े-बड़े पेड़ उग गये हैं, जो उस दरार की खाई को और बढ़ाकर उसे जानलेवा बना रहा है. ज्ञात हो कि बस स्टैंड से शहर में प्रवेश करने के लिए राजकिला के पूर्वी एवं पश्चिमी भाग से सड़क गुजरी है. किला के चारों ओर दीवार में कई दरार हैं. ऐसी स्थिति में किला का क्षतिग्रस्त भाग गिरने से कितनी जान लेगा, यह तो भविष्य में ही पता चलेगा.

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