दरभंगा : भूंकप के चर्चे सोशल मीडिया पर भी दिनभर छाये रहे. सुबह ग्यारह बजकर चालीस मिनट के बाद अचानक मोबाइल काम करना बंद कर दिया. हां,इंटनेट काम कर रहा था. वा्टसएप पर मैसेज दनादन आने लगे. सभी मैसेज सिर्फ और सिर्फ भूकंप से जुड़े थे. सब एक दूसरे से भूकंप की बातें शेयर करने लगे. फिर अचानक इंटरनेट ने भी काम करना बंद कर दिया. यह स्थिति करीब आधे घंटे तक बनी रही. खैर मोबाइल तो भूकंप के पहले झटके के एक घंटे बाद तक काम नहीं किया. खैर,बाद में मोबाइल का नेट और इसके बाद शुरु मोबाइल ने काम करना शुरु कर दिया.इसके बाद तो ताबरतोड़ मैसेज आने शुरु हो गये. एक मैसेज छत्तीसगढ के मौसम विभाग के हवाले से सोसल मीडिया पर खूब चलाया गया. जिसमें कहा गया कि रात के दो बजकर बीस मिनट तक भूकंप के झटके आते रहेंगे. यह बाद लोगों में भय पैदा कर दिया. इस मैसेज से लोग भयभीत हो गये. इसलिए भी भयभीत हुए कि मैसेज में बिहार, झारखंड, उड़ीसा एवं छत्तीसगढ में आने वाले भूकंप की तीव्रता 13.4 रियेक्टर बतायी गयी. इसके बाद दूसरा मैसेज भी खूब भेजा गया. वह पूरी तरह अफवाह और लोगों को गुमराह करने वाला था. मैसेज में कहा गया कि हैंडपंप का पानी न पीयें. पानी काला हो रहा है. पानी में प्वाइजन हो गया है. इस मैसेज के आने के बाद कुछ लोगों ने प्रतिक्रिया देनी शुरु कर दी. अधिकांश लोगों ने इसे झूठा अफवाह बताते हुए कहा कि बोतलबंद पानी को बिकवाने के लिए इस तरह का झूठा अफवाह फैलाया जा रहा है. जगह जगह से फोन भी आने लगे. हालांकि इसमें दूर दूर तक कोई सच्चाई नहीं थी.
सोशल मीडिया पर छाये रहे भूकंप के चर्चे
दरभंगा : भूंकप के चर्चे सोशल मीडिया पर भी दिनभर छाये रहे. सुबह ग्यारह बजकर चालीस मिनट के बाद अचानक मोबाइल काम करना बंद कर दिया. हां,इंटनेट काम कर रहा था. वा्टसएप पर मैसेज दनादन आने लगे. सभी मैसेज सिर्फ और सिर्फ भूकंप से जुड़े थे. सब एक दूसरे से भूकंप की बातें शेयर करने […]
