दरभंगा . शनिवार की सुबह जब अपने कार्यालय आ रहा था. तो दरभंगा पोस्टऑफिस के समीप आते ही सुबह 11.42 मिनट पा आये भूकंप से मेरा पैर डगमगाने लगा ठीक से मैं चल नहीं पा रहा था. एकबारगी तो समझा ये क्या हो गया लेकिन बिजली के खंभे को जोर जोर से हिलते देखा साथ ही चौक पर लोगों ने भूकंप आया भूकंप आया की रट लगाते भागे जा रहे थे. इधर पोस्टऑफिस के कर्मी भी कार्यालय से बाहर निकल पास के लक्ष्मीश्वर लाइबे्ररी के कंपाउंड में जा पहंुचे. लगभग वहां सैकड़ों लोग रुके रहे. भूकंप का झटका इतना तेज था कि लगभग 1-1.5 मिनट तक धरती डोलती रही और उसके संग बिजली के खंभे, मकान व पेड़ हिलते रहे. वहीं एक महिला अपने हृदय को हाथ से दबाये बैठी कांप रही थी.
भूकंप की आंखों देखा हाल : सुजीत
दरभंगा . शनिवार की सुबह जब अपने कार्यालय आ रहा था. तो दरभंगा पोस्टऑफिस के समीप आते ही सुबह 11.42 मिनट पा आये भूकंप से मेरा पैर डगमगाने लगा ठीक से मैं चल नहीं पा रहा था. एकबारगी तो समझा ये क्या हो गया लेकिन बिजली के खंभे को जोर जोर से हिलते देखा साथ […]
