बागमती नदी के पानी से काम चला रहे मोहल्लेवासी

सदर : शहर में पेयजल संकट समय के साथ विकराल रूप धारण करता जा रहा है. चापाकल फेल होते जा रहे हैं. पानी के लिए लोग भटक रहे हैं और प्रशासन खामोश है. जलापूर्ति की योजनाएं अभी तक धरातल पर पूरी तरह से उतर नहीं सकी है. शहर के वार्ड पांच एवं छह में अमृत […]

सदर : शहर में पेयजल संकट समय के साथ विकराल रूप धारण करता जा रहा है. चापाकल फेल होते जा रहे हैं. पानी के लिए लोग भटक रहे हैं और प्रशासन खामोश है. जलापूर्ति की योजनाएं अभी तक धरातल पर पूरी तरह से उतर नहीं सकी है. शहर के वार्ड पांच एवं छह में अमृत जलापूर्ति योजना की अब तक लोग राह ही देख रहे हैं.

इधर मोहल्ला में पानी के लिए त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. लोग सुबह से पानी के लिए सड़क किनारे चापाकल अथवा नल के पास कतार लगा लेते हैं. उल्लेखनीय है कि इन वार्डों में अमृत योजना से पाइप बिछाया गया. जलापूर्ति के लिए जगह-जगह नल भी लगाये गये, लेकिन अभीतक उससे पानी नहीं टपक सका है. लोगों को इससे पानी आने का इंतजार ही है.

आलम यह है कि अहले सुबह से ही हाथ में बरतन लिये पानी की तलाश में एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले का चक्कर लगाने लगते हैं. बड़ी संख्या में लोग बागमती नदी से पानी लाकर घर के बाकी काम चलाते हैं. वहीं मुकुंदी चौधरी प्लस टू स्कूल के छात्रों को स्कूल परिसर में चापाकल से पानी नहीं मिलने पर कादिराबाद-शिवधारा मुख्य पथ पार कर बगल के काली मंदिर के सामने लगे चापाकल पर आना पड़ता है.

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