पहली महिला नोटरी बनीं प्रभात खबर की अपराजिता सम्मान से विभूषित बेबी सरोज

दरभंगा : प्रभात खबर की ओर से अपराजिता सम्मान से विभूषित अधिवक्ता बेबी सरोज ने अपने सफलता का एक कदम और चूमा है. जिला के बार एसोसिएशन के इतिहास में पहली महिला नोटरी हुई हैं. महिला दिवस पखवाड़ा पर उन्होंने कहा कि जिस तरह से महिलाओं को अधिकार मिला है, उससे उनकी प्रगति का ग्राफ […]

दरभंगा : प्रभात खबर की ओर से अपराजिता सम्मान से विभूषित अधिवक्ता बेबी सरोज ने अपने सफलता का एक कदम और चूमा है. जिला के बार एसोसिएशन के इतिहास में पहली महिला नोटरी हुई हैं. महिला दिवस पखवाड़ा पर उन्होंने कहा कि जिस तरह से महिलाओं को अधिकार मिला है, उससे उनकी प्रगति का ग्राफ बढ़ा है, परन्तु सामाजिक स्तर पर उनकी स्थिति जस की तस है.

उन्होंने कहा कि महिलाओं को संविधान में अधिकार दिया गया है, पर सही मायने में आज भी स्वतंत्रता नहीं मिली है. महिला अधिकार की बदौलत मुखिया सरपंच तो बन गई है, लेकिन उनकी स्थिति रबर स्टांप जैसी है. महिला सशक्तिकरण का नारा एक खास दायरे में सिमट कर रह गया है. इसे और मजबूती प्रदान करने की जरूरत है.

बता दें कि अपने लहेरियासराय के खाजासराय स्थित आवास पर घरेलू हिंसा परिवार विवाद निबटारा केंद्र संचालित कर अब तक कई टूटते परिवारों को नि:शुल्क मध्यस्थता कर बचाया है. उनके जीवन में खुशियां बिखेरने का सफल प्रयास किया है. यही कारण है कि कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं.

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