शहर के सुरक्षा तटबंध में जगह-जगह दरार
दरभंगा : लगभग हर साल आने वाली बाढ़ से बचाव को लेकर जिला प्रशासन ने समय रहते तैयारी शुरू कर दी है. इस दिशा में गतिविधि तेज की जा रही है. जिले के संवेदनशील बांधों का निरीक्षण करा लिया गया है. अभियंत्रण अधिकारियों के साथ प्रशासनिक पदाधिकारियों की टीम ने निरीक्षण के बाद अपना प्रतिवेदन […]
दरभंगा : लगभग हर साल आने वाली बाढ़ से बचाव को लेकर जिला प्रशासन ने समय रहते तैयारी शुरू कर दी है. इस दिशा में गतिविधि तेज की जा रही है. जिले के संवेदनशील बांधों का निरीक्षण करा लिया गया है. अभियंत्रण अधिकारियों के साथ प्रशासनिक पदाधिकारियों की टीम ने निरीक्षण के बाद अपना प्रतिवेदन जमा कर दिया है. प्रतिवेदन के आधार पर तटबंधों को दुरुस्त करने की दिशा में अब काम किया जायेगा. डीएम ने बारिश से पूर्व कार्यों को पूरा कर लिये जाने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया है.
निरीक्षण की विशेष बात यह रही कि डीएम ने खुद शहर सुरक्षा तटबंध का तकनीकी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया. इस दौरान कई खामियां सामने आयी.
अधिकारियों को निर्देश
डीएम डॉ सिंह ने तटबंध पर उग आयी झाड़ी को साफ करने तथा होल वाले जगहों पर मिट्टी खुदाई कर पुन: मिट्टी भराइ कंपैक्शन के साथ कराने को कहा है. बैग में लोकल बालू मानसून पूर्व पैक करने का निर्देश दिया है. ईट वाले तटबंध के फाउंडेशन के पास के डिस लोकेट मिट्टी अथवा बोल्डर की मरम्मती कराने को कहा है. जिन जगहों पर तटबंध का उपयोग आने-जाने के रुप में किया जाता है, वहां मानसून पूर्व रैंप तैयार कर लेने का निर्देश डीएम ने दिया है. अवैध रुप से मिट्टी कटाई पर रोक लगाने तथा स्लूइस गेट की मरम्मत को कहा गया है.
तटबंधों की स्थिति
मिथिला शोध संस्थान स्थित तटबंध : लोमड़ी, चूहा एवं बरसात के कारण कई जगहों पर तटबंध में होल पाया गया. तटबंध के टॉप एवं साइड स्लोप पर झारी उग आने से तटबंध की स्थिति कमजोर पाई गई.
किलाघाट तटबंध: इस भाग में रिटेनिंग वाल (ईट निर्मित) है. पिछले साल इसी तटबंध होकर पानी का रिसाव शहर में हुआ था. तटबंध के किनारे बनायी गयी ईट की दीवार कई जगहों पर क्रेक पायी गयी.
भीगो तटबंध: इस तटबंध के पक्के भाग में हल्का दरार पाया गया. मिट्टी के बांध वाले भाग को पक्के बांध की तरफ 10 फीट और बढ़ाने की जरूरत है.
गिदरगंज तटबंध: तटबंध के कई हिस्सों में गैप है. इस पॉइंट से ट्रैक्टर संचालकों द्वारा मिट्टी का कटाव किया जाता है. तटबंध के अंदर रहने वाले लोगों के आने-जाने की राह होने से ढलान बन गया है.
एकमीघाट तटबंध: तटबंध में दर्जनों जगहों पर विभिन्न कारणों से बना होल पाया गया.
स्लूइस गेट: शहर से निकलने वाले दूषित पानी के नदी में गिरने वाले स्थान का स्लूइस गेट क्षतिग्रस्त पाया गया. साथ ही सिंचाई के लिए नगह-जगह बने फाटक भी क्षतिग्रस्त पाये गये.