धूप में झुलस रहे रेल यात्री, वेटिंग हॉल पर पार्सल कार्यालय का कब्जा
दरभंगा : यात्री सुविधा के प्रति खुद को संवेदनशील बनाने वाला रेल प्रशासन ने खुद उसपर अतिक्रमण कर रखा है. रेल यात्रियों के लिए बने प्रतीक्षालय पर पार्सल कार्यालय ने कब्जा जमा रखा है. जगह के अभाव में तीखी धूप में रेल यात्री झुलसने के लिए मजबूर हैं. उल्लेखनीय है कि प्लेटफार्म संख्या एक पर […]
दरभंगा : यात्री सुविधा के प्रति खुद को संवेदनशील बनाने वाला रेल प्रशासन ने खुद उसपर अतिक्रमण कर रखा है. रेल यात्रियों के लिए बने प्रतीक्षालय पर पार्सल कार्यालय ने कब्जा जमा रखा है. जगह के अभाव में तीखी धूप में रेल यात्री झुलसने के लिए मजबूर हैं. उल्लेखनीय है कि प्लेटफार्म संख्या एक पर कैरेज विभाग के दक्षिण पार्सल कार्यालय से सटे उत्तर बना शेड यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय के रूप में है. पहले यह पार्सल कार्यालय का केज हुआ करता था. इसमें कई कर्मी भी काम-काज करते थे. यात्रियों की बढ़ी भीड़ को देखते हुए रेल पदाधिकारी ने इस जगह को यात्रियों के लिए खाली करने का निर्देश दिया.
अरसे तक यह जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पड़ा रहा. इसके बाद इसे सुव्यवस्थित किया गया. यात्रियों के लिए इसे और व्यवस्थित करने के बजाय पार्सल कार्यालय ने अपना कब्जा जमा रखा है. पार्सल के सामान इसमें भरे पड़े हैं. यात्रियों की सुविधा के प्रति जवाबदेह आरपीएफ मूकदर्शक बना है. इंस्पेक्टर बीके विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें इस बाबत कोई जानकारी नहीं है.
नया वेटिंग हॉल बनने
के बाद जमाया कब्जा
इस हॉल में पार्सल का सामान पहले भी रखा जाता था. बीच में विभागीय पदाधिकारी के निर्देश पर इसे खाली कर दिया गया. इधर जीएम के वार्षिक निरीक्षण के दौरान मार्च के अंतिम सप्ताह में नया वेटिंग हॉल चालू होने के बाद इस जगह पर पूरी तरह वाणिज्य विभाग ने कब्जा कर लिया है. मजबूरन यात्री किसी तरह धूप से बचने के लिए इसमें शरण लेते हैं. अधिकांश यात्रियों को जगह नहीं मिल पाती.
मौखिक आदेश का दे रहे हवाला
विभागीय निर्देश के कारण यूं तो कोई अधिकारी मुंह नहीं खोलना चाहते, लेकिन नाम नहीं छापने की शर्त्त पर कहते हैं कि पार्सल का सामान सुरक्षित रखने के लिए जगह नहीं है. इसलिए सीनियर डीसीएम वीरेंद्र कुमार के निर्देश पर इसका उपयोग पार्सल के लिए किया जा रहा है. यह अब वेटिंग हॉल नहीं है. हालांकि सूत्र बताते हैं कि इसके संबंध में कोई भी लिखित आदेश नहीं जारी किया गया है.
भीड़ के आगे कम पड़ती जगह
दरभंगा जंक्शन पर औसतन 40 हजार यात्री सफर करते हैं. स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि वेटिंग हॉल की बात तो दूर, प्लेटफार्म का शेड भी छोटा पड़ जाता है. इस बदन झुलसाने वाली धूप में छांव की तलाश में यात्री इधर-उधर भटकते रहते हैं. मजबूरन खुले आसमान के नीचे उन्हें ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ती है.
डीएमसीएच
मेडिसिन: डॉ एससी झा (दूसरा व चौथा शनिवार), डॉ भीएन झा (पहला, तीसरा व पांचवां शनिवार)
जीओपीडी: डॉ सीमा झा
सर्जरी:डॉ अवध कुमार
आर्थो: डॉ एसएन सर्राफ
नेत्र विभाग: डॉ मनोज कुमार, डॉ रंधीर कुमार झा, डॉ नीतू कुमारी, डॉ अमित कुमार झा
इएनटी:डॉ शाहीन
शिशु रोग विभाग: डॉ केएन मिश्रा
दंत रोग विभाग: डॉ अशोक कुमार श्रीवास्तव
चर्म रोग विभाग: एसके गुप्ता
मनोरोग विभाग: डॉ पुनील कुमार
फिजियोथैरेपी विभाग : डॉ अरुण कुमार, डॉ अवधेश कुमार चौधरी
पीसीएम विभाग: डॉ अमरेन्द्र कुमार, डॉ वीणा राय
टीवी एण्ड चेस्ट विभाग: डॉ ओपी गिरी