मृत्युदर कम करने को दिया गया प्रशिक्षण

दरभंगा : डीएमसीएच के शिशु रोग विभाग में शनिवार को चार दिनी आवासीय कार्याशाला का समापन हुआ. इस दौरान सफल प्रतिभागियों को आरडीडी डॉ उदय नारायण चौधरी ने सर्टिफिकेट प्रदान किया. इसमें भागलपुर, अररिया, एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर, नवादा, सीवान, सारण, मोतिहारी एवं डीएमसी के 24 प्रतिभागियों ने भाग लिया. कार्यशाला में जन्म-मृत्यु दर को कम करने […]

दरभंगा : डीएमसीएच के शिशु रोग विभाग में शनिवार को चार दिनी आवासीय कार्याशाला का समापन हुआ. इस दौरान सफल प्रतिभागियों को आरडीडी डॉ उदय नारायण चौधरी ने सर्टिफिकेट प्रदान किया. इसमें भागलपुर, अररिया, एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर, नवादा, सीवान, सारण, मोतिहारी एवं डीएमसी के 24 प्रतिभागियों ने भाग लिया. कार्यशाला में जन्म-मृत्यु दर को कम करने को ले शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ केएन मिश्रा, डॉ ओम प्रकाश, डॉ रिजवान हैदर, डॉ विवेकानंद पॉल ने विभिन्न क्षेत्रों से आये डाक्टरों एवं नर्सो को प्रशिक्षण दिया.

मौके पर अत्याधुनिक इक्युमेंट की जानकारी दी गयी. कार्यशाला में शिशु मृत्यु दर का आंकड़ा पेश करते हुए डॉ ओम प्रकाश ने बताया कि वर्तमान समय में एक हजार बच्चे में 28 बच्चों की मृत्यु उचित इलाज नहीं होने से हो जाती है.

2020 तक शिशु मृत्यु दर को घटाकर 20 जबकि 2030 तक इस दर को इकाई अंक में करने का लक्ष्य रखा गया है. बता दें कि बिहार सरकार ने इस संबंध में हर जिले में एसएमसीयु की स्थापना की है. जिसको ट्रेनिंग देने का जिम्मा मेडिकल कॉलेजो को दिया गया है. मौके पर उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मीयो ने बिहार सरकार के इस अभियान को सफल करने में साथ देने का संक्लप लिया.

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