मशीन-उपकरणों की जांच को पहुंची टीम

दरभंगा : वर्ष 2012 से पहले डीएमसीएच में खरीदी गई मशीन-उपकरणों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी को लेकर आश्वासन समिति द्वारा पूछे गये सवाल को लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ. केपी सिन्हा, निदेशक डॉ. सीएम झा व आश्वासन समिति के सदस्यों ने डीएमसीएच का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीएमसी प्राचार्य […]

दरभंगा : वर्ष 2012 से पहले डीएमसीएच में खरीदी गई मशीन-उपकरणों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी को लेकर आश्वासन समिति द्वारा पूछे गये सवाल को लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ. केपी सिन्हा, निदेशक डॉ. सीएम झा व आश्वासन समिति के सदस्यों ने डीएमसीएच का

निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीएमसी प्राचार्य डॉ. आरके सिन्हा, अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार मिश्रा आदि मौजूद थे.
कमेटी के सदस्य सबसे पहले स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग पहुंचकर अल्ट्रामार्डन लेबर रूम का निरीक्षण किया. निरीक्षण में लेबर रूम का बुरा हाल देख कमेटी ने पूछा यह अल्ट्रामार्डन लेबर रूम है या कबारखाना. यहां तो प्रसव की दर्द से कराहने वाली प्रसूता का तो दम घुटता होगा. इसके बाद कमेटी ने गायनिक वार्ड के आईसीयू का निरीक्षण किया. बताया गया कि यहां आधे मशीन खराब रहते हैं. आईसीयू में अधिकांश एसी भी नहीं काम करता है. कमेटी ने इसके बाद सर्जरी व मेडिसीन आईसीयू का भी निरीक्षण किया.
आईसीयू का बुरा हाल देखकर तीखी टिप्पणी की. अधीक्षक से पूछा कि क्या यहां गंभीर मरीजों का इलाज संभव
है. आईसीयू में लगे तीन में से एक वेंटीलेटर व पांच में से चार मॉनिटर के खराब रहने पर भी कड़ी आपत्ति जतायी. वहीं पोस्टमार्टम में शव को रखने के लिये खरीदी गई मरचरी को भी चलाकर दिखाने की बात कही. स्टेवलाइजर खराब होने के कारण मरचरी काम नहीं किया लेकिन, जब डायरेक्ट करके मरचरी को ऑन किया तो वह काम कर रहा था. इसके अलावा समिति के सदस्यों ने इंट्राटेक खरीद में भी गड़बड़ी, इंसीनिरेटर के अलावा कई जीवन रक्षक मशीन-उपकरणों की जानकारी ली. बताया जाता है कि समिति वर्ष 2003 से लेकर 2008 तक खरीदी गई कई मशीन-उपकरणों की जांच करने आयी थी. बता दें कि समिति जिस मशीनों की जांच करने पहुंची थी उसमें से कई का जीवन ही दस वर्ष का था. ऐसे में उस मशीनों का जांच का परिणाम कुछ भी नहीं निकलने की बात कही जा रही है.
बताया जाता है कि डीएमसीएच में मशीन-उपकरणों की खरीद में भारी पैमाने पर गड़बड़ी को लेकर नगर विधायक संजय सरावगी ने पांच वर्ष पहले कई सवाल उठाये थे. मशीन-उपकरणों की जांच को लेकर एक टीम का गठन किया गया था. किसी कारणवश काफी दिनों तक यह मामला ठंडा बस्ता में पड़ा रहा. अचानक कमेटी ने इसकी जांच शुरू की. इससे कई लोगों की नींद उड़ी हुई है.
डीएमसीएच
एक दशक पहले खरीदी गयी मशीनों की अब जांच से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल
कमेटी ने कहा, अल्ट्रामाडर्न लेबर रूम है या कबाड़खाना
आइसीयू की दुर्दशा देख कमेटी ने की तीखी टिप्पणी

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