आपदा से बचाव को राज्य सरकार ने कसी कमर

दरभंगा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को बाढ़ पूर्व तैयारी, सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई के लिए डीजल अनुदान आदि की समीक्षा की. कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक राज्य के लगभग सभी जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है. […]

दरभंगा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शुक्रवार को बाढ़ पूर्व तैयारी, सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई के लिए डीजल अनुदान आदि की समीक्षा की. कांफ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इस वर्ष अब तक राज्य के लगभग सभी जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है. इसके कारण कई जिले में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है. धान के बिचड़े को रोपने के लिए डीजल अनुदान के लिए राशि जिलों को आवंटित कर दी गई है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डीजल अनुदान की राशि अविलंब वितरित करने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिया. साथ ही पेयजल के लिए चापाकल की मरम्मती, बिजली की बेहतर आपूर्ति एवं आकस्मिक फसल योजना का लाभ प्रभावित कृषकों तक पहुंचाने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री श्री कुमार ने सरकारी एवं निजी नाव का निबंधन जुलाई माह में निश्चित रुप से पूरा करने का निर्देश दिया. साथ ही नाव पर ओवरलोडिंग रोकने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा. मुख्यमंत्री श्री कुमार ने आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रमंडल स्तर पर एनडीआरएफ की टीम दरभंगा जिला मुख्यालय में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया. यहां से प्रमंडल के तीनों जिला में आवश्यकतानुसार एनडीआरएफ की टीम काम करेगी. मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि एनडीआरएफ टीम की प्रतिनियुक्ति मधुबनी जिले में की गई है. दरभंगा एवं मधुबनी में आवश्यकता पड़ने पर यह टीम काम करेगी.
प्रशासन को सीएम ने दिया सजग रहने का निर्देश : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूखा एवं बाढ़ दोनों ही परिस्थितियों में प्रशासन को सजग रहने का निर्देश दिया, ताकि दोनों परिस्थिति का सामना मुस्तैदी से किया जा सके. मुख्यमंत्री ने सभी जिला के प्रभारी सचिवों को एक सप्ताह के अंदर जिला में जाकर वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया.
मुख्य सचिव श्री सिंह ने राहत सामग्री के मूल्य निर्धारण के लिए निविदा का प्रकाशन कर दर निर्धारित करने का निर्देश दिया. जीवन रक्षक दवाओं का भंडारण करने का भी निर्देश दिया गया. पशुओं के लिए दवाई दर का निर्धारण राज्य स्तर पर किए जाने की जानकारी मुख्य सचिव श्री सिंह द्वारा दी गई. राहत शिविरों में मानक तरीके से सभी उपयोगी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. मुख्य सचिव श्री सिंह द्वारा नदियों पर बने तटबंधों के सुरक्षात्मक व निरोधात्मक कार्यों की विस्तृत चर्चा ली गयी.
समाहरणालय में खुलेगा आपदा नियंत्रण कक्ष : मुख्य सचिव ने सभी जिला मुख्यालय के समाहरणालय परिसर में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष खोलने का निर्देश दिया. पूर्व में बाढ़ अथवा वर्षापात से क्षतिग्रस्त पथों की मरम्मत की विस्तृत समीक्षा की गई. साथ ही जहां अब तक मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो पाया है, वहां तत्काल मरम्मती कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया. जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने सभी तैयारियों के पूरा कर लिए जाने की जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि जिले में निविदा का प्रकाशन कर राहत सामग्रियों का निर्धारित दर तय कर लिया गया है. बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त आरके खंडेलवाल, एसएसपी सत्यवीर सिंह, अपर समाहर्ता सुमन कुमार, स्थापना उप समाहर्ता सह प्रभारी आपदा प्रबंधन पदाधिकारी रमेश चन्द्र चौधरी, डीपीआरओ कन्हैया कुमार सहित जिला के कई पदाधिकारी मौजूद थे.

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