प्रभात व किशोर जर्दा के साथ भारी मात्रा में नकली तुलसी जब्त
नकली जर्दा बनाने में प्रयुक्त केमिकल व पैकिंग मशीन बरामद
दरभंगा : प्रभारी एसएसपी दिलनवाज अहमद के नेतृत्व में गुरुवार को नगर थाना क्षेत्र के कबीराबाद गुल्लोबारा में टुन्ना मंडल के घर छापेमारी कर नकली जर्दा व तुलसी फैक्ट्री का पर्दाफास किया है. छापेमारी का भनक लगते ही कारोबारी कैलास मंडल के पुत्र टुन्ना मंडल फरार हो गया. प्रभारी एसएसपी ने बताया कि गुप्त सूचना पर टुन्ना मंडल के घर के प्रथम तले पर छापेमारी की गई. बताया कि प्रथम तले के एक कमरे में टुन्ना नकली जर्दा व तुलसी बनाने का फैक्ट्री खोल रखा था.
वहां से 100 ग्राम के टीन का 220 डब्बा जिसपर किशोर टुबैको लिखा है तथा बैद्यनाथ हरिशंकर नाग प्रा. लि. लखनऊ अंकित है. वहीं 55 ग्राम के टीन का 190 डब्बा जिसपर प्रभात टुबैको व प्रभात फैक्ट्री इंडिया प्रा. लि. न्यू सिकंदरपुर मुजफ्फरपुर के अलावा टीन का 230 डब्बा जिसपर प्रभात जर्दा फैक्ट्री इंटरनेशनल नोएडा बी 83 सेक्टर 63 नोएडा यूपी इंडिया अंकित है. इसके अलावा लगभग बीस किलो जर्दा जैसा बुकनी, लगभग एक हजार टीन का खाली डब्बा, तराजू, पैकिंग मशीन के साथ-साथ प्लास्टिक के बोतल में लाल, पीला, उजला व काला रंग का केमिकल बरामद किया गया है.
छापेमारी में नगर थानाध्यक्ष रमेश दूबे, कोतवाली ओपी अध्यक्ष महेश्वर कुमार मिश्रा आदि शामिल थे.
भोज का पत्ता, रोलेक्स की कतरन व सड़ी सुपारी से बनाया जा रहा था नकली जर्दा व तुलसी : नकली जर्दा व तुलसी बनाने का कारोबारी काली कमाई के लिये ब्रांडेड कंपनी प्रभात व किशोर जर्दा व तुलसी बनाने के लिये वह भोज के पत्ते का बुकनी, शादी-विवाह में मंडप सजाने के काम में आने वाला रोलेक्स का कतरन और सड़ी सुपारी से नकली जर्दा व तुलसी बनाता था.
बताया जाता है कि शहर के बीचो-बीच टुन्ना काफी दिनों से यह कारोबार करता था. जानकारी के अनुसार नकली जर्दा को असली जर्दा व तुलसी बनाकर वह कई बड़े कारोबारियों को भी होल सेल में सप्लाई करता था. साथ ही दूर-देहात में भी वह सीधे सप्लाई करता था.
काली कमाई के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़
कबीराबाद निवासी टुन्ना काली कमाई के लिये लोगों की सेहत से खुलेआम खिलवाड़ करता था. जानकार बताते हैं कि पान के शौकीन मिथिलांचल के लोग बड़े ही चाव से पान खाते हैं. लेकिन उन्हें कहां पता था कि टुन्ना जैसे काले कारोबारी उनके सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है. बताया जाता है कि जिस जंगली पत्ते से भोज के पत्ते बनाये जाते हैं. टुन्ना उसका इस्तेमाल टुबैके के तौर पर करता था. साथ ही शादी के मंडप में सजाने के काम में आने वाले रोलेक्स का इस्तेमाल चांदी के बर्क की तरह कर रहा था. वहीं इसे तैयार करने के लिये जिस केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था वह जानलेवा हो सकता है. जानकार बताते हैं कि रोलेक्स पन्नी होता है. पेट में जाने के बाद यह जानलेवा भी हो सकता है.
