बिहार के इस जिले में पागल कुत्ते ने मचाया आतंक, 12 घंटे में 60 लोग पहुंचे अस्पताल

Bihar News: बगहा बाजार में एक पागल कुत्ते ने रविवार को 60 से ज्यादा लोगों को काट लिया. एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने से मरीजों को दिक्कत हुई. आइये जानते हैं पूरा मामला क्या है?

Bihar News, प्रकाश आर्य: पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में रविवार को एक पागल कुत्ते ने जमकर आतंक मचाया. सुबह से लेकर शाम करीब छह बजे तक कुत्ते ने 60 से ज्यादा लोगों को काट लिया. ज्यादातर लोग बाजार में खरीदारी या काम से आए थे और अचानक हुए हमले का शिकार हो गए.

लोगों को संभलने का भी मौका नहीं दिया

बताया जा रहा है कि सुबह के समय कुत्ता अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में घुस गया और वहां करीब दस लोगों को काट लिया. अस्पताल कर्मियों ने काफी कोशिश के बाद उसे बाहर निकाला. बाहर आते ही वह बगहा बाजार इलाके में इधर-उधर दौड़कर लोगों पर झपटने लगा. घायलों का कहना है कि कुत्ता पीछे से अचानक हमला कर रहा था. इससे लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला. घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में घरों की ओर भागने लगे.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

अस्पताल में दवा खत्म

चिंता की बात यह रही कि अस्पताल में पिछले तीन दिनों से एंटी रैबीज का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है. डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक इलाज तो किया, लेकिन इंजेक्शन बाहर की मेडिकल दुकानों से खरीदना पड़ा. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि चार दिन पहले आए 120 इंजेक्शन खत्म हो चुके हैं और नई खेप की मांग जिला मुख्यालय से की गई है.

लगातार बढ़ रहे मामलों के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई और पर्याप्त दवा उपलब्ध कराने की मांग की है.

इसे भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच टेंशन में बिहार के कई परिवार, संजय झा ने विदेश मंत्रालय को सौंपा फीडबैक

वाराणसी-कोलकाता 6-लेन हाईवे को मिली रफ्तार, गया में पत्थर कटाई के लिए लगेंगे 3 बड़े क्रशर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >